जब ठेकेदार ने ₹16 लाख का जुर्माना सिक्कों में चुकाया: जले पर नमक छिड़कने वाली कहानी
सोचिए, आपके ऊपर भारी-भरकम जुर्माना लग गया हो—इतना कि छोटे शहर में कोई कार या दो मंजिला मकान आ जाए! अब अगर आपको ये रकम चुकानी पड़े, तो क्या करेंगे? चुपचाप जाकर चेक या नकद दे देंगे या फिर कोई ऐसा तरीका अपनाएंगे जिससे सरकारी बाबू और बैंक वाले भी माथा पीट लें?
सिक्कों की बारिश: जुर्माने की अनोखी अदायगी
अमेरिका के Maine राज्य के Palermo नामक छोटे-से शहर में एक ठेकेदार ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया। उस पर ज़मीन के नियम तोड़ने के चलते बीस हज़ार डॉलर (यानि करीब 16 लाख रुपये) का जुर्माना लगा। अब साहब इतने बड़े जुर्माने को चुपचाप देना तो उनके स्वभाव में था नहीं। उन्होंने सोचा, "जैसे को तैसा!" और बैंक और सरकारी अफसरों की नाक में दम करने की ठान ली।
उन्होंने घर में रखे छोटे स्विमिंग पूल जितने सिक्के इकट्ठे किए, करीब 60 बाल्टी सिक्के! जी हां, वह भी एक-एक, दो-दो सेंट के—यानि बिल्कुल वैसे जैसे भारत में लोग 50 पैसे या 1 रुपये के सिक्के थैलियों में भरकर मंदिर वालों को दान में दे आते हैं। इन सिक्कों को बैंक तक पहुंचाना भी किसी बारात ले जाने से कम नहीं था। बैंक कर्मचारियों को कई दिन लगे इन सिक्कों को गिनने में, और सरकारी दफ्तर का एक कर्मचारी तो बस इन्हें बैंक पहुंचाने में ही व्यस्त रहा।
जुर्माना या बदला? इंटरनेट पर बहस छिड़ी
इस घटना के Reddit पर आते ही बहस छिड़ गई। कुछ लोगों को ठेकेदार की ये हरकत बड़ी मज़ेदार लगी—जैसे किसी टीचर को उनकी ही भाषा में जवाब देना। एक यूज़र (u/Rawrisaur18) ने भारत में बिजली विभाग का किस्सा सुनाया, जिसमें एक आदमी ठीक दफ्तर बंद होने से पहले बाल्टी भर सिक्के लेकर पहुंच गया। कर्मचारियों ने भी चालाकी दिखाई—एक ही कर्मचारी को गिनने में लगा दिया और बाकी रकम समय पर "सत्यापित" न होने का बहाना बनाकर और जुर्माना ठोक दिया! क्या बात है, यहां भी "तुम मुझे चूना लगाओ, मैं तुम्हें नींबू" वाली स्थिति है।
वहीं, कुछ यूज़र्स को इसका नैतिक पक्ष खटक गया। एक ने लिखा, "ठेकेदार ने कानून तोड़ा, पकड़ा गया और अब जुर्माना भरने में भी ड्रामा कर रहा है? सीधी सी बात है—गलती की, तो भुगतो।" कईयों ने यह भी कहा कि असली तकलीफ तो बैंक के कर्मचारियों और सरकारी चपरासी को हुई, जिनका न तो कानून बनाने से लेना-देना था, न ही ठेकेदार की लड़ाई से। एक यूज़र ने बड़ी सच्ची बात कही—"भई, नियमों को लेकर लड़ाई अफसरों या नेताओं से करो, बैंक वालों को क्यों परेशान कर रहे हो?"
क्या भारत में भी मुमकिन है ऐसा ड्रामा?
अब सवाल उठता है, अगर कोई हमारे देश में ऐसे सिक्कों से जुर्माना भरना चाहे तो क्या होगा? भारतीय कानून के मुताबिक, हर सिक्के और नोट की एक सीमा निर्धारित है, जितनी तक दुकानदार या ऑफिस आपको "कानूनी मुद्रा" मानकर ले सकता है। उदाहरण के लिए, 1 रुपये के सिक्के अधिकतम 100 तक, और 2, 5, 10 रुपये के सिक्के भी सीमित मात्रा में स्वीकार किए जाते हैं। बैंक या सरकारी दफ्तर अगर चाहें तो ज्यादा सिक्के लेने से इनकार कर सकते हैं। वैसे, हमारे यहां भी कभी-कभी गुस्साए ग्राहक या ट्रैफिक पुलिस के चक्कर में परेशान लोग जुर्माना भरने के लिए सिक्कों के ढेर ले आते हैं—मगर आमतौर पर पुलिस या दफ्तरवालों की सख्ती के आगे सबकी एक नहीं चलती।
वैसे भी, भारत में बैंक वालों की हालत ऐसी घटनाओं से पहले ही पतली रहती है! सोचिए, SBI की लंबी लाइन में लगे लोग अगर किसी ने 50,000 रुपये के सिक्के दे दिए तो बैंक मैनेजर तो छुट्टी पर ही चला जाए।
मज़ेदार टिप्पणियां और सीख
Reddit की इस बहस में कई दिलचस्प कमेंट्स देखने को मिले। एक यूज़र ने बताया कि कनाडा, ऑस्ट्रिया जैसे देशों में कानून ही है कि आप बड़ी रकम सिक्कों में नहीं भर सकते—अगर कोशिश की, तो ऊपर से और जुर्माना लग सकता है! किसी ने मज़ाक में लिखा—"अगर दूसरा जुर्माना भी सिक्कों में भरा, तो तीसरा भी तैयार रहो!"
एक और यूज़र ने बड़ी ही रोचक बात लिखी—"ऐसे जुर्माने सिक्कों में भरना, गरीबों के लिए भेदभावपूर्ण है, क्योंकि कई बार उनके पास नोट या डिजिटल साधन नहीं होते।" वहीं, बैंक में सिक्के गिनने के लिए मशीनें होती हैं, तो इतनी परेशानी भी नहीं होनी चाहिए थी।
निष्कर्ष: कानून, बदला और आम आदमी की फजीहत
इस पूरी घटना से एक बात तो साफ है—चाहे अमेरिका हो या भारत, कभी-कभी लोग कानून से लड़ाई में ऐसा हथियार निकालते हैं कि देखने वाले भी हैरान रह जाएं। लेकिन असली नुक्सान अक्सर उन कर्मचारियों का होता है, जो न तो नियम बनाते हैं, न ही तोड़ते हैं—बस अलाना-फलाना के आदेश मानते रहते हैं।
आप क्या सोचते हैं? अगर आपके ऊपर भारी जुर्माना लगे और आप नाराज़ हो जाएं, तो क्या आप भी ऐसा "मालिशियस कंप्लायंस" करेंगे? या फिर सीधे-सीधे चुकता करके शांति से घर चले जाएंगे? नीचे कमेंट में ज़रूर बताएं, और अगर आपके पास ऐसी कोई मज़ेदार घटना हो, तो वो भी शेयर करें—हम सबकी हंसी का इंतज़ाम हो जाएगा!
मूल रेडिट पोस्ट: Sweet, petty malicious compliance paying $20k in fines with mainly coins.