जब 'घोस्टर' खुद फँस गया: बदला भी ठंडा था, रात भी ठंडी थी!
शायद आपने भी कभी सुना होगा—"जैसा करोगे, वैसा भरोगे!" लेकिन जब ये कहानी पढ़ेंगे, तो लगेगा कि कभी-कभी बदला इतना मज़ेदार और 'ठंडा' भी हो सकता है कि पढ़कर खुद मुस्कुरा उठेंगे। आज की कहानी है एक ऐसी लड़की की, जिसने अपने 'घोस्टर' को उसकी ही चाल में ऐसा उलझाया कि बेचारे को आधी रात में बर्फ में ठिठुरते हुए भागना पड़ा।
आजकल जब रिश्ते भी मोबाइल ऐप्स पर बनने-बिगड़ने लगे हैं, दिल टूटना और फिर संभलना आम बात हो गई है। लेकिन इस बार कहानी का मोड़ कुछ अलग था—जैसे किसी मसाला हिंदी फिल्म में होता है!
पहली मोहब्बत, पहला धोखा और वही पुरानी कहानी
कहानी की नायिका एक टूटे दिल के साथ डेटिंग ऐप्स की दुनिया में आई थी—जैसे कई लोग ब्रेकअप के बाद करते हैं। उसने सोचा था, "चलो, किसी से हल्की-फुल्की दोस्ती कर लेते हैं, मन बहल जाएगा।" जल्दी ही एक लड़के से उसकी बातें शुरू हो गईं। वो लड़का भी बड़ा समझदार, मीठा बोलने वाला निकला—"मैं तुम्हारा दर्द समझ सकता हूँ", "तुम्हारे एक्स से बेहतर हूँ", और न जाने कितनी मीठी बातें!
हफ्तेभर दोनों रोज़-रोज़ बातें करते, मज़ाक, इमोशन्स और फिर आखिरकार मिलने का प्लान बन गया। मुलाकात के बाद सबकुछ नॉर्मल था—लेकिन अगले ही दिन जनाब अचानक गायब! मैसेज पढ़कर भी जवाब नहीं, ऑनलाइन आते तो भी चुप्पी। इसे ही आजकल की भाषा में 'घोस्टिंग' कहते हैं।
जैसे ही लड़की ने लिखा, "अगर घोस्ट करने वाले हो तो अनमैच कर दो", अगले दिन वो लड़का ऐप से ही गायब! दिल फिर से टूट गया, पुराने जख्म ताज़ा हो गए।
तीन हफ्ते बाद आया 'बैक टू बेसिक्स' मोमेंट
कहते हैं, वक्त बड़ा मरहम होता है। तीन हफ्ते बाद जब लड़की थोड़ा संभली, उसी लड़के का फिर से 'लाइक' आ गया—वो भी दूसरी डेटिंग ऐप पर! हैरानी की बात ये थी कि पहले तो उसने खुद ही लड़की को इग्नोर किया था, अब खुद ही वापस आ गया।
इस बार लड़की ने सोचा, "अब खेल मैं खेलूंगी!" उसने भी 'लाइक' कर दिया। लड़का तुरंत एक्टिव हो गया—"सॉरी, माफ कर दो, मैं फिर से दोस्ती चाहता हूँ..." लड़की ने भी शातिर अंदाज़ अपनाया, "अब भरोसा जीतना पड़ेगा!" लड़का बातों में फिर मीठा, लेकिन इस बार लड़की समझ चुकी थी कि माजरा क्या है—हर बात का आखिरकार वही 'टॉपिक'!
बदले की तैयारी: 'ठंडा बदला'—शाब्दिक रूप में!
यहाँ एक कमेंट बहुत मज़ेदार है—"ये बदला तो सचमुच ठंडा था, और वो बेचारा जम गया!" (एक यूज़र ने लिखा—"How cold? ICE cold!"). लड़की ने प्लान बनाया—"शनिवार रात 1 बजे आना, कमरे में सब सो रहे होंगे।" खास बात ये थी कि उस दिन बाहर बर्फबारी थी और तापमान इतना गिर चुका था कि लोग घर से बाहर निकलने की सोच भी नहीं सकते थे।
लड़का ठीक 1 बजे बिल्डिंग के बाहर पहुँचा, मैसेज किया—"मैं आ गया हूँ।" पाँच मिनट, दस मिनट, पंद्रह मिनट... हर बार वही—"प्लीज़, दरवाजा खोलो!" लेकिन लड़की सिर्फ मैसेज पढ़ती रही, जवाब नहीं दिया। आखिरकार उसने कॉल भी की, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं। जैसे ही लड़का कुछ टाइप करने लगा, लड़की ने उसे तुरंत अनमैच कर दिया!
आधे घंटे बाद खिड़की से देखा—बेचारा लड़का ठंड में भागता जा रहा था, जैसे कोई कुत्ता पीछे पड़ गया हो। वाह! "जैसा करोगे, वैसा भरोगे" का सच्चा उदाहरण!
कम्युनिटी की राय: सीख और संवेदनाएँ
Reddit पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई। किसी ने कहा, "बहुत बढ़िया! अब शायद अगली बार किसी को झूठ बोलने से पहले सोचेगा!" एक यूज़र ने लिखा—"अगर शुरू से ही ईमानदारी से कह देता कि बस कैज़ुअल चाहिए, तो इतना ड्रामा ही नहीं होता।" एक और कमेंट में कहा गया—"ऐसे लोगों को सबक सिखाना ज़रूरी है, वरना ये फिर किसी का दिल तोड़ देते हैं।"
एक और यूज़र ने अपने अनुभव शेयर किए—"मेरा बॉयफ्रेंड भी ऐसा ही था, जब तक उसने 'चेज़' करना था, तब तक बड़ा प्यार दिखाया, उसके बाद अजनबी जैसा व्यवहार।" ऐसे रिश्तों के लिए एक सलाह भी आई—"रिश्ते में अगर बार-बार खुद को साबित करना पड़े, तो उस रिश्ते का कोई फायदा नहीं!"
लेकिन एक जरूरी चेतावनी भी आई—"बिल्डिंग में सिक्योरिटी तो थी, लेकिन ऐसी हरकतें सबके लिए सुरक्षित नहीं होतीं। गुस्से वाले लोग कुछ भी कर सकते हैं।"
रिश्तों की दुनिया में सीख—खुद को प्यार करें!
इस कहानी से सबसे बड़ा सबक यही है कि चाहे दिल कितना भी टूट जाए, खुद की इज्ज़त सबसे ऊपर होनी चाहिए। जिस तरह से लड़की ने खुद को संभाला और अपनी 'इज्ज़त' की रक्षा की, वो काबिल-ए-तारीफ है।
कई बार हम रिश्तों में इतनी भावुक हो जाते हैं कि सामने वाले की सच्चाई देख ही नहीं पाते। लेकिन याद रखिए—"जब कोई पहली बार अपना असली चेहरा दिखाए, तो उसे उसी वक्त पहचान लीजिए।"
और हाँ, कभी-कभी हल्का-फुल्का 'पेटी रिवेंज' भी दिल को बड़ी राहत देता है!
आप क्या सोचते हैं?
क्या आपने भी कभी किसी 'घोस्टर' को सबक सिखाया है? या कभी ऐसे किसी अनुभव से गुज़रे हैं? अपने विचार और मज़ेदार किस्से नीचे कमेंट्स में जरूर शेयर करें! और हाँ, अगर कहानी पसंद आई तो अपने दोस्तों को भी भेजिए—शायद किसी और को भी 'ठंडा बदला' लेने की प्रेरणा मिल जाए!
मूल रेडिट पोस्ट: My ghoster came crawling back, so I gave him a taste of his own medicine