जब ग्राहक ने मोबाइल स्टोर में बेचने लगे अपनी पत्नी के सुंदर पैर!
भारतीय बाज़ारों में हमने अक्सर अजीबो-गरीब ग्राहक देखे हैं – कोई मोलभाव में माहिर, तो कोई अपनी फरमाइशों से परेशान कर देने वाला। लेकिन सोचिए, अगर आप मोबाइल बेच रहे हों और अचानक कोई ग्राहक मोबाइल छोड़कर अपने या अपनी पत्नी के पैरों की तारीफ करवाने लगे, तो? यही हुआ एक विदेशी मोबाइल स्टोर में, जिसकी कहानी Reddit पर वायरल हो गई और जिसने खुदरा बाज़ार (रिटेल) की दुनिया में हंसी का तूफ़ान ला दिया।
मोबाइल बेचो या पैरों की तारीफ करो?
इस कहानी के नायक हैं u/13SpiderMonkeys, जो एक बड़े मोबाइल शोरूम में काम करते हैं। उस दिन वे एक नए सहकर्मी को ट्रेनिंग दे रहे थे, तभी एक जोड़ा स्टोर में आया। दोनों ने आदरपूर्वक उनका स्वागत किया, जैसे हर भारतीय दुकानदार करता है – "नमस्ते सर, कैसे मदद कर सकते हैं?"
पर कहानी में असली मोड़ तब आया जब उस आदमी ने पूछा, "आप दोनों मेरी पत्नी को पहचानते हैं?" दोनों सेल्समैन चौंक गए – "नहीं सर, माफ़ कीजिए, हम नहीं जानते।"
अब सुनिए, साहब ने गर्व से बोला – "ये टीवी पर सबसे सुंदर पैर वाली महिला हैं! देखो, देखो इनके पैर!"
अब दोनों सेल्समैन की हालत सोचिए – मोबाइल की जगह पैरों की चर्चा! एक सहकर्मी तो तुरंत बोल पड़ा, "माफ़ कीजिए, मुझे पैरों में कोई खास दिलचस्पी नहीं।" अब ग्राहक उम्मीद से दूसरे की तरफ़ मुड़े – "अरे, आप तो जरूर पैरों के शौकीन होंगे?" बेचारे सेल्समैन ने भी झिझकते हुए मना कर दिया – "नहीं सर, बिल्कुल नहीं।"
इधर ग्राहक को जैसे गहरा धक्का लगा – "हाय! इस कंपनी में एक भी 'फुट-लवर' नहीं है? मैं तो सालों से तुम्हारी सर्विस ले रहा हूँ, आज सबसे ज्यादा निराश हुआ हूँ!"
भाई साहब की निराशा देख ऐसा लगा जैसे 'ये मोबाइल शोरूम है या शादी ब्याह का मंडप!'
सोशल मीडिया पर हंसी के ठहाके
ये कहानी Reddit पर वायरल होते ही कमेंट्स की बाढ़ आ गई। सबसे मजेदार कमेंट था, "अगर पैरों की तारीफ करवानी है, तो फुटवियर शॉप पर जाओ, मोबाइल स्टोर पर नहीं!"
एक और यूज़र ने लिखा, "भाईसाहब को 'अल बंडी' जैसा सेल्समैन चाहिए था!" (अल बंडी एक अमेरिकन टीवी शो का जूते बेचने वाला किरदार है, जो पैरों की बातें करता रहता था।)
किसी ने तो मज़ाक में कह दिया, "पैर?... पैर... पैर... अब और पैर नहीं!"
एक और कमेंट ने तो इंसान के पैरों की तुलना जानवरों के पंजों से कर दी – "कुत्ते और बिल्ली के पंजे कितने प्यारे होते हैं, और हमें मिले ये इंसानी पैर... प्रकृति का सबसे बड़ा मज़ाक!"
कुछ ने गंभीर अंदाज़ में लिखा, "हर किसी की पसंद अलग होती है, कोई पैरों में खूबसूरती देखता है तो कोई चेहरे में।"
पर हंसी-मजाक का सिलसिला यहीं नहीं रुका – एक ने तो कह दिया, "शायद अगली बार वो अपने पैरों का OnlyFans बना लें!"
भारतीय नजरिए से – ग्राहक भगवान है, पर कभी-कभी भगवान भी चौंका देता है!
हमारे यहाँ कहा जाता है 'ग्राहक भगवान होता है', लेकिन सोचिए अगर भगवान जी खुद मोबाइल स्टोर में आकर अपने पैरों के दर्शन करवाने लगें, तो दुकानदार क्या करे?
वैसे भारतीय दुकानों में भी अजीबोगरीब ग्राहक आते हैं – कोई अपने बच्चों की शरारतों से परेशान करता है, कोई सामान छू-छूकर देखता है, कोई घंटों बहस करता है।
पर जो मज़ा इस ‘फुट-फैन’ ग्राहक की कहानी में है, वो वाकई अलग ही स्तर का है!
यहाँ तक कि स्टोर मैनेजर भी बाद में इस किस्से पर पेट पकड़कर हँसा – "भैया, ऐसा ग्राहक पहली बार देखा!"
क्या ऐसी अजीब माँगें भारत में भी होती हैं?
अब सोचिए, अगर भारत में कोई ग्राहक दुकान में आकर ऐसे कह दे, "भैया, मेरी बीवी के पैर देखो, क्या सुंदर हैं!" तो आसपास के लोग क्या सोचेंगे? शायद दुकान में मौजूद बाकी ग्राहक आँखें फाड़कर देखेंगे, कोई चुपके से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल देगा, तो कोई दुकानदार से कहेगा – "भैया, मोबाइल दिखाओ या पैर?"
भारत में वैसे भी लोग प्राइवेट चीज़ों पर खुलकर चर्चा करने में हिचकिचाते हैं। यहाँ तो लोग जूतों की दुकान में भी पैरों को छुपाकर रखते हैं!
पर इस कहानी में अमेरिकी ग्राहक की मासूमियत, अजीब जुनून और सेल्समैन की समझदारी – तीनों का मेल एक शानदार हास्य-रस बना देता है।
निष्कर्ष – ऐसे किस्से ही रिटेल की जान हैं!
इस कहानी ने ये साबित कर दिया कि दुकानों में हर दिन कुछ नया हो सकता है। चाहे ग्राहक की फरमाइश अजीब हो या उसका अंदाज निराला – हर घटना से एक नई कहानी बनती है।
तो अगली बार जब आप किसी दुकान में जाएं, अपने साथ-साथ दुकानदार के भी अनुभव का हिस्सा बनें – पर हाँ, अपने शौक़-शौक़ में दुकानदार को असहज न करें।
क्या आपके साथ भी कभी दुकान या ऑफिस में कोई ऐसा अजीब वाकया हुआ है? नीचे कमेंट में जरूर साझा करें – क्योंकि असली मसाला तो आपकी कहानियों में है!
मूल रेडिट पोस्ट: Surely YOU'RE a foot guy right?