जब गेम बना खुद की ही हकीकत: IT सपोर्ट इन हेल की मज़ेदार कहानी
कभी-कभी जीवन में ऐसे पल आते हैं जब हँसी रुकती ही नहीं। सोचिए, आप एक ऐसा गेम बना रहे हैं जिसमें आईटी सपोर्ट की दुनिया के दुख-सुख, हाय-तौबा और यूज़र्स की अजीब हरकतें दिखाई जाती हैं। और फिर एक दिन, कोई असली यूज़र उसी गेम के फीडबैक फॉर्म में, असली आईटी सपोर्ट की गुहार लगा देता है! जी हाँ, यही हुआ Reddit यूज़र Euphoric-Series-1194 के साथ, जिन्होंने "I.T. Never Ends" नामक गेम का डेमो लॉन्च किया।
ये कहानी केवल तकनीक की दुनिया नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की है जो ऑफिस में 'भूतिया कंप्यूटर समस्या' से जूझते रहते हैं। तो चलिए, इस रोमांचक और मज़ेदार किस्से में डूबते हैं, जहाँ गेम और जिंदगी का फर्क मिट गया।
जब खेल-खेल में बन गई असली परेशानी
हमारे देश में तो ऑफिस में IT सपोर्ट वाले को वैसे ही सबका मसीहा समझा जाता है—"बिटिया, प्रिंटर नहीं चल रहा, ज़रा देख लो" या "भैया, वाईफाई स्लो है, कुछ कर दो!" अब सोचिए कि एक गेम बनाया गया है, जिसमें आप एक 'फंसे हुए' आईटी सपोर्ट वर्कर की भूमिका निभाते हैं, और गेम के डेमो में एक फीडबैक फॉर्म है।
इस फॉर्म का उद्देश्य था—यूज़र्स अपने अनुभव साझा करें, सुझाव दें, या गेम की कमियाँ बताएं। लेकिन, एक साहसी यूज़र ने तो हद ही कर दी—उन्होंने फॉर्म भरते हुए बहु-पैराग्राफ की चिट्ठी लिख डाली, "मेरा असली ऑफिस VPN नहीं चल रहा, प्लीज़ हेल्प करो!"
गेम के डेवलपर Euphoric-Series-1194 खुद हैरान रह गए: "मुझे लग रहा है जैसे मैं स्ट्रोक्स से जूझ रहा हूँ। मैंने एक ऐसा गेम बनाया, जहाँ लोग बेतुके टिकट सबमिट करते हैं—और अब असली टिकट मेरे पास गेम के ज़रिए आ रहे हैं!"
फीडबैक फॉर्म से लेकर असली IT टिकट तक
रेडिट पर इस कहानी पर कम्युनिटी की प्रतिक्रिया भी गजब थी। एक कमेंट में, जो लगभग हर ऑफिसवाले को छू जाएगा, लिखा गया—"साँप ने अपनी ही पूँछ खा ली, जीवन ने कला की नकल की, और फिर जीवन की नकल करती कला ने जीवन को ही घेर लिया।" (यानी, गेम और असलियत का चक्रव्यूह पूरा हो गया!)
डेवलपर साहब ने भी हँसी में कहा, "अब कभी भी Alanis Morissette मेरे दरवाजे पर गिटार लेकर आ जाएँगी और मुझे Ironic गाना सुनाएँगी!" एक और यूज़र ने मज़ाक में पूछा, "अगर तुम मेरी कंप्यूटर की दिक्कत नहीं सुलझाओगे, तो कौन करेगा? मैं बिल्कुल टेक सेवी नहीं हूँ!"
वहीं, एक अनुभवी IT सपोर्ट वाले यूज़र ने VPN समस्याओं को लेकर अपनी भड़ास निकाली—"Authentication failed का मतलब कभी पासवर्ड गड़बड़, कभी कंपनी ने एक्सेस हटा दिया, कभी 2FA ऐप नहीं चला, कभी कुछ और! और हर कंपनी का अपना अलग ही जंजाल! VPN की समस्या सुलझाना किसी जादू-टोने से कम नहीं।"
भारतीय दफ्तरों की आईटी कहानियाँ और हास्य
हमारे देश में भी ऑफिस के IT सपोर्ट की हालत कुछ अलग नहीं। यहाँ भी अक्सर फीडबैक फॉर्म को—"कंप्यूटर स्लो है", "नेटवर्क बार-बार कट रहा है", या "ऑफिस 365 नहीं खुल रहा" जैसे सवालों से पाट दिया जाता है।
एक कमेंट में किसी ने लिखा, "IT डिपार्टमेंट में आधी समस्या तो यूज़र्स की बेसब्री और अधूरी जानकारी से आती है।" कई बार तो लोग बिना स्क्रीनशॉट, बिना डिटेल्स, बस इतना लिख देते हैं—"मेरा सिस्टम नहीं चल रहा, जल्दी देखो!"
एक और यूज़र ने बड़ी मजेदार बात लिखी—"फीडबैक फॉर्म को ही टिकट जैसा बना दो, ताकि लोग समझ जाएँ कि ये गेम के लिए है, असली सपोर्ट के लिए नहीं!" तो डेवलपर ने भी मज़ाक में कहा, "अब तो मेरी हालत वैसी हो गई, जैसे कोई ऑफिस में 'भूत' पकड़ने निकले और असली भूत सामने आ जाए!"
गेमिंग की दुनिया में असली जीवन का प्रवेश
सबसे दिलचस्प कमेंट में किसी ने लिखा, "आपने वही कर दिखाया जो आपके गेम का किरदार करता है—अब आप खुद अपने ही गेम के नायक बन गए!" और डेवलपर ने भी हँसते हुए जवाब दिया, "काश मुझे अब VPN की झंझट से छुटकारा मिल जाए!"
कुछ यूज़र्स ने गेम में नए-नए सुझाव भी दिए—किसी ने कहा, "एक अलमारी भर कीबोर्ड्स की रख दो, सबकी पैरों की पट्टी गायब है!" तो किसी ने 'राम स्टिक फेंकने' और 'कैट5 फ्लेल' जैसे हथियारों की बात कर दी—जैसे ऑफिस में ही महाभारत छिड़ गई हो!
एक और यूज़र ने सलाह दी, "गेम में एक मिनी-गेम डालो, जिसमें IT सप्लाई आई और बाकी ऑफिसवाले छीनने दौड़ पड़े—तुम्हें रोकना है!" यह तो एकदम हमारे ऑफिस के लंच टाइम की तरह हो गया—जहाँ समोसे आते ही सब दौड़ पड़ते हैं!
निष्कर्ष: गेम और जीवन का भेद मिटा, बस हँसी रह गई
इस पूरे किस्से में सबसे बड़ी सीख यही है—चाहे आप डिजिटल दुनिया में हों या असली ऑफिस में, IT सपोर्ट वाले की हालत हर जगह एक जैसी ही है। कभी-कभी तो लगता है जैसे "असली नरक" यहीं है—VPN, प्रिंटर, नेटवर्क, और यूज़र्स के न खत्म होने वाले सवाल!
अगर आप भी कभी फीडबैक फॉर्म भरें, तो याद रखें—गेम का गेम में ही मज़ा है, असली सपोर्ट के लिए अपने दफ्तर के IT वाले भैया/दीदी को ही तंग करें। और हाँ, अगर कभी "I.T. Never Ends" खेलें, तो डेवलपर को असली टिकट भेजने की गलती न करें—वो बेचारे भी इंसान हैं, गेम के बाहर भी उनकी ज़िंदगी है!
क्या आपके साथ भी कभी ऐसी कोई मज़ेदार IT घटना हुई है? कमेंट में जरूर बताइए। और अगर गेम खेलें, तो फीडबैक जरूर दें—पर VPN की समस्या नहीं!
मूल रेडिट पोस्ट: I'm working on a game about IT support in hell. Someone just used the ingame demo feedback form to request real IT help with their vpn.