जब गिनती का खेल बना कंपनी के लिए सिरदर्द: कैश रजिस्टर रोल्स की अनोखी कहानी
कभी-कभी ऑफिस में छोटी-छोटी गड़बड़ियां इतनी बड़ी बन जाती हैं कि पूरी कंपनी की नींव हिलने लगती है। सोचिए, अगर आपने ५० नमकीन के पैकेट ऑर्डर किए हों और दुकानवाले ने आपको सिर्फ २ पकड़ाए, तो कैसा लगेगा? ऐसा ही कुछ हुआ एक बिल्डिंग सप्लाईज़ कंपनी में, जहां कैश रजिस्टर के रोल्स की गिनती ने सबको चकरा दिया।
इस कहानी में है मज़ा भी, सीख भी, और वो देसी जुगाड़ वाली तड़का भी, जिससे आप कहेंगे – "भाई, ये तो हमारे दफ्तर वाली कहानी है!"
गिनती में गड़बड़ी: जब दो का मतलब सौ हो गया
हमारे नायक (जिनका नाम Eric है) एक बड़ी बिल्डिंग सप्लाईज़ कंपनी के डिस्ट्रीब्यूशन में काम करते थे। कंपनी के अलग-अलग स्टोर्स अपने ऑफिस में इस्तेमाल होने वाली चीज़ें, जैसे कैश रजिस्टर रोल्स, ऑर्डर करते थे – वो भी पुराने ज़माने के फैक्स से!
अब यहां पर असली गड़बड़ी ये थी कि स्टोर वाले रोल्स का ऑर्डर बॉक्स के हिसाब से देते थे – एक बॉक्स में ५० रोल्स। अक्सर स्टोर वाले "२ बॉक्स" लिख देते, मतलब १०० रोल्स चाहिए। लेकिन ऑफिस में जो लोग ऑर्डर की एंट्री करते, वो उसे "२ रोल्स" समझ लेते।
पर डिस्ट्रीब्यूशन वाले लोग बॉक्स के हिसाब से पैकिंग कर देते – १०० रोल्स भेज देते, लेकिन बिल में सिर्फ "२ रोल्स" लिखा जाता। यानी स्टोर को १०० रोल्स मिलते, और पैसे लगते सिर्फ २ के! सोचिए, क्या मस्त जुगाड़ था – स्टोर वाले खुश, ऑफिस वाले बेखबर, और कंपनी के पैसे हवा हो रहे थे।
जब समझाया तो भी नहीं मानी कंपनी
Eric ने टीम मीटिंग में सवाल उठाया – "हमेशा ४९ या ९८ रोल्स कम पड़ रहे हैं, कहीं गड़बड़ है।" मैनेजर साहब बोले, "अब ऐसा दोबारा नहीं होगा!" लेकिन अगली ही सुबह फिर वही हाल – गड़बड़ जारी।
यहां Eric ने देसी 'मालिशियस कम्प्लायंस' का तड़का लगाया – अब जो ऑर्डर में लिखा है, वही भेजना। ऑर्डर में "२ रोल्स" लिखा है? तो बस २ ही भेजो, पूरा बॉक्स खोलो, उसमें से २ निकालकर भेजो। बाकी ४८ रोल्स वहीं रखो, स्टोर चाहे चीखे-चिल्लाए!
अब आप सोचेंगे, स्टोर वाले तुरंत शिकायत करेंगे – "भइया, हमारे बाकी ९८ रोल्स कहाँ हैं?" लेकिन हाय री सिस्टम की जड़ता! हफ्तों तक किसी ने मुंह नहीं खोला। सब अपने-अपने झमेले में मस्त थे।
साल का सबसे बड़ा सेल – और कंपनी की सांसें अटकीं
हफ्तों बाद, जब साल का सबसे बड़ा सेल वीकेंड आने वाला था, Eric ने मैनेजर को सच-सच बता दिया – "भैया, स्टोर्स में रोल्स खत्म होने वाले हैं, देख लो।"
तुरंत अफरा-तफरी मच गई – कई स्टोर्स के पास रोल्स खत्म हो चुके थे। आनन-फानन में कूरियर से रोल्स भेजने पड़े। सोचिए, अगर Eric ने वक्त रहते नहीं बताया होता, तो कंपनी का साल का सबसे बड़ा सेल दिन डूब जाता और सबको अपनी नौकरी प्यारी थी!
इधर Eric की ईमानदारी भी देखिए – वो चाहते तो चुप रह सकते थे, लेकिन कंपनी को डूबने से बचाने के लिए सच बोल दिया। वैसे, कंपनी वाले चाहकर भी Eric को दोष नहीं दे सकते थे – "मैंने तो ऑर्डर के हिसाब से ही भेजा!"
समुदाय के मज़ेदार तंज और अनुभव
रेडिट कम्युनिटी में कई लोग अपनी-अपनी राय लेकर आए। एक यूज़र ने चुटकी लेते हुए कहा, "कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि कंपनियों में गिनती का मतलब ही सबके लिए अलग-अलग है।"
एक और ने लिखा, "हमारे यहां एक बार किसी ने वॉशर ५००० किलो ऑर्डर कर दिए थे, जबकि चाहिए थे सिर्फ ५००० पीस।" सोचिए, हमारे देश में भी शादी-ब्याह में जब लोग १० किलो मिठाई बोलते हैं तो हलवाई १० थालियां समझ लेता है!
एक अनुभव साझा करते हुए किसी ने लिखा, "हमारे किराना स्टोर में एक बार १ पैकेट लिख दिया, और पूरा कार्टून आ गया – फिर महीनों तक वही सामान खाया!"
सीख: गिनती और संवाद, दोनों हैं जरूरी
इस पूरी घटना से एक बड़ी सीख मिलती है – चाहे कंपनी कितनी भी बड़ी हो, गिनती और संवाद (कम्युनिकेशन) में जरा-सी चूक बड़ा नुकसान करा सकती है। हमारी हिंदी कहावत है – "आटे में नमक कम हो जाए तो स्वाद चला जाता है।" ठीक वैसे ही, गिनती की छोटी सी गलती कंपनी की जेब खाली करवा सकती है।
रेडिट के एक यूज़र ने बड़ा अच्छा लिखा – "इतनी बड़ी कंपनी में जब सब कुछ मैन्युअल हो, तो किसी को फर्क नहीं पड़ता कि गिनती सही है या नहीं।" और यही बात हमारे यहां भी लागू होती है – जब तक किसी की जेब से पैसा नहीं जाता, किसी को चिंता नहीं होती!
निष्कर्ष: आप क्या सोचते हैं?
तो दोस्तों, इस मजेदार कहानी से आपको क्या सीख मिली? क्या आपके ऑफिस या दुकान में भी ऐसी कोई गिनती की गड़बड़ी हुई है? या किसी ने जुगाड़ लगाकर सिस्टम को चकमा दिया हो?
नीचे कमेंट में ज़रूर बताइए – आपकी कहानी भी किसी को हंसाएगी, किसी को सिखाएगी!
आखिर में बस यही कहेंगे – "गिनती में गलती मत करना, वरना आपकी सेल भी हो सकती है फेल!"
मूल रेडिट पोस्ट: No cash register rolls?