जब गाड़ी वाले ने गलती से भेजे ईमेल, और ग्राहक ने ले ली मीठी बदला!
सोचिए, आप अपने मोबाइल पर बार-बार कोई ईमेल देख रहे हैं – पर न वो आपकी गाड़ी है, न आपका शहर! ऐसा ही कुछ हुआ अमेरिका में रहने वाले एक सज्जन के साथ। उन्हें दूर किसी और राज्य की गाड़ी डीलरशिप से लगातार सर्विस की अपॉइंटमेंट्स और सर्वे के ईमेल आते रहे। शुरुआत में तो इन्होंने शालीनता दिखाई, लेकिन जब पानी सिर के ऊपर चला गया, तब जो किया, वो वाकई मजेदार और थोड़ा सा 'पेटी रिवेंज' था!
ईमेल की बारिश और धैर्य का इम्तिहान
अब हमारे देश में भी कभी-कभी बैंकों या कंपनियों की गलती से किसी और के नाम का संदेश हमारे पास आ जाता है। पर कल्पना कीजिए, महीनों तक आपको किसी और की गाड़ी की सर्विस, ऑयल चेंज और अपॉइंटमेंट्स के ईमेल मिलते रहें! Reddit यूज़र u/Larz60 के साथ यही हुआ।
पहले-पहल तो इन्होंने असली मालिक का ईमेल ढूंढ़कर उन्हें सजग किया – भैया, आपकी डीलरशिप ने गलत ईमेल डाल रखा है। लेकिन ना जवाब आया, ना फिक्र। फिर डीलरशिप से भी कई बार बात की, हर बार जवाब वही – "हम अपडेट कर देंगे।" पर नतीजा ढाक के तीन पात!
जब सब्र का बांध टूटा: बदला भी, मज़ा भी
अब भारतीय मुहावरे में कहें तो "जहां बात नहीं बनी, वहां जुगाड़ चलाना ही पड़ता है!" Larz60 ने सोचा, क्यों न डीलरशिप और गाड़ी के मालिक दोनों को थोड़ी परेशानी दी जाए? अब हर बार जो भी अपॉइंटमेंट की ईमेल आती, वो खुद ही रिप्लाई कर देते – "भैया, अपॉइंटमेंट बदल दो!" कभी-कभी तो नई तारीख का ईमेल भी आ जाता।
साल भर तक ये खेल चला। फिर एक दिन दिमाग में आया – "अब गाड़ी ही बेच डालूं!" डीलरशिप की वेबसाइट पर ट्रेड-इन कैलकुलेटर भरा और सेल्स टीम से कॉल करवाने की रिक्वेस्ट डाल दी। सोचिए, उस गाड़ी के असली मालिक को अचानक ट्रेड-इन कॉल्स आने लगे होंगे – "सर, किस गाड़ी में इंटरेस्टेड हैं?"
हर सर्वे में भी Larz60 ने लिखा – "कृपया कॉल बैक करें!" मतलब, डीलरशिप के लोग भी परेशान, असली मालिक भी हैरान। कुल मिलाकर, 'एक तीर, दो निशाने' वाली बात हो गई!
कम्युनिटी की प्रतिक्रियाएं: किस्से, ठहाके और अनुभव
Reddit पर इस पोस्ट पर लोगों ने दिल खोलकर अपने अनुभव शेयर किए। एक कमेंट करने वाले (u/crash866) ने बताया, "कोई और मेरी ईमेल से रेस्तरां में बुकिंग कर देता था, मैं मजे से उसे कैंसिल या रेशेड्यूल कर देता था।" Larz60 ने भी जवाब में मजाक किया, "अगर अपने शहर में होता, तो मैं खुद जाकर बुकिंग का मजा ले लेता!"
एक और यूज़र ने लिखा, "डीलरशिप को बताइए, आपको एक्सटेंडेड वॉरंटी चाहिए – अब चैन से सोने न देंगे!" किसी ने कहा, "मुझे तो पूरी दुनिया से ऐसे ईमेल आते हैं – नर्सिंग होम से लेकर यॉट डीलर तक। अब मैं उल्टा जवाब देता हूं – गाड़ी सर्विस करवाने भेजना मुश्किल है, आखिर अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया ले जाना कौन सा आसान है!"
कई लोग तो हद से आगे निकल गए – "अब तो ईमेल ब्लॉक कर दो और स्पैम में डाल दो।" लेकिन खुद OP ने हंसते हुए जवाब दिया, "फिर पिटी रिवेंज में पोस्ट कैसे करूंगा!"
संस्कृति और सीख: भारतीय नजरिए से
हमारे यहां भी कई बार बैंक, मोबाइल, या ऑनलाइन ऑर्डर में गलत नंबर या ईमेल डाल देने से अजीबोगरीब हालात बन जाते हैं। कोई और आपके नाम से पिज्जा ऑर्डर कर दे, तो तीसरी-चौथी बार के बाद गुस्सा आ ही जाता है! एक यूज़र ने ठीक ही लिखा, "तीन-चार बार हुआ, तो ऑर्डर ही कैंसिल कर दिया – बस, दोबारा नहीं हुआ।"
इस पूरी कहानी से एक सीख भी मिलती है – अगर कोई गलती बार-बार हो रही है और सामने वाला सुधारने को तैयार नहीं, तो थोड़ा सा 'जुगाड़' या 'पेटी रिवेंज' कभी-कभी जरूरी हो जाता है। आखिर, "जैसी करनी, वैसी भरनी!"
निष्कर्ष: आपकी कहानी क्या है?
तो दोस्तो, आपको भी कभी ऐसा अनुभव हुआ है? किसी और के नाम का संदेश, गलत ऑर्डर, या फिर किसी कंपनी की लापरवाही? अगर हां, तो आपने क्या किया – सीधा ब्लॉक किया या आपने भी कोई मजेदार बदला लिया? नीचे कमेंट में जरूर बताइए। और अगर अगली बार आपके पास गलत ईमेल आए, तो सोचिए, "क्या मैं भी थोड़ा पेटी रिवेंज कर सकता हूं?"
आखिरकार, जिंदगी में थोड़ा हंसी-मजाक और 'जुगाड़' जरूरी है – और कभी-कभी, गलतियों को सुधारने का यही सबसे असरदार तरीका होता है!
मूल रेडिट पोस्ट: Car Dealership Contacting me in error.