जब किसी और की गलती पर ईमेल वाले ने दिखाया दम, मिली मज़ेदार छोटी सी बदला-कहानी
क्या आपने कभी किसी अजनबी के नाम पर लगातार ईमेल आते देखे हैं? सोचिए, ऑफिस में चाय पीते-पीते या वीकेंड की छुट्टी का मजा लेते-लेते जब-तब आपके इनबॉक्स में किसी और के सैकड़ों ईमेल घुस आएं, तो क्या हो? गुस्सा तो आएगा ही, पर इस बार हमारे कहानी के हीरो ने सिर्फ गुस्से तक बात नहीं छोड़ी – उन्होंने लिया एक शानदार, मज़ेदार और थोड़ा सा petty बदला!
ईमेल का झंझट: “किसका है, किसका नहीं?”
यह कहानी है Reddit के एक यूज़र u/Niodia की, जो खुद बताते हैं कि उनका ईमेल Gmail के ‘invite-only’ दौर का है – जब इंटरनेट स्लो था, और जीमेल का खाता मिलना किसी लॉटरी जैसे था। इतने सालों से ईमेल उनका साथी रहा, पर अब हाल ये है कि लोग बिना सोचे-समझे उनके ईमेल को इस्तेमाल कर लेते हैं – कभी ऑनलाइन शॉपिंग, तो कभी रेस्टोरेंट या जिम की बुकिंग के लिए।
यहां तक कि कुछ लोग तो अपने सट्टा (betting) अकाउंट में भी इनका ईमेल डाल देते हैं! सोचिए, कोई रोज़ हजारों का दांव लगाता है, जीतता-हारता है, और सारी जानकारी आपके इनबॉक्स में धड़ाधड़ आती रहती है। एक कमेंट करने वाले ने बिल्कुल सही कहा – "अगर मैं अपने पैसों से ऑनलाइन सट्टा लगाऊं तो कम से कम ईमेल तो अपना ही डालूंगा ताकि बाद में दिक्कत ना हो!"
बदला – थोड़ा सा मसालेदार
अब जब बार-बार समझाने के बाद भी सामने वाला नहीं समझे, तो क्या करना चाहिए? u/Niodia ने चुपचाप सब्र करने की बजाय सीधा कंपनी को मेल किया – "भाई, ये मेरी ईमेल है, मैं आपकी वेबसाइट पर कभी गया ही नहीं।" कंपनी ने जांच-पड़ताल शुरू की, बार-बार पूछताछ की, पर उन्होंने सिर्फ इतना ही बताया जिससे साफ हो जाए कि अकाउंट उनका नहीं है, बस ईमेल इस्तेमाल हो रही है।
आखिरकार, कंपनी ने "संदिग्ध गतिविधि" (suspicious activity) के नाम पर उस सट्टेबाज़ का अकाउंट हमेशा के लिए बंद कर दिया। न पैसा बचा, न ईमेल पर स्पैम, और मज़ा ये कि असली बदला भी मिल गया!
किसी कमेंट करने वाले ने मज़ाकिया अंदाज में लिखा – "भले ही आप पैसे नहीं निकाल पाए, पर अगली बार कोई और ऐसी गलती नहीं करेगा।" वहीं किसी ने सलाह दी – "इतना ही नहीं, अकाउंट का पासवर्ड बदलकर पैसा भी निकाल सकते थे!"
और भी हैं ऐसे किस्से – सबक सभी को
ऐसा सिरदर्द सिर्फ u/Niodia के साथ नहीं हुआ। Reddit पर कई लोग ऐसे हैं जिनके नाम या ईमेल की वजह से हर हफ्ते नए-नए अजनबियों की बुकिंग, डॉक्टर की अपॉइंटमेंट, होटल या फ्लाइट की डिटेल्स उनके पास आती रहती हैं। किसी ने तो मज़ाक में किसी के जिम की सीट फ्रंट-रो से बदलकर सबसे पीछे कर दी। किसी ने Red Lobster की लॉयल्टी प्वॉइंट्स का फायदा उठा लिया, तो किसी ने डेटिंग ऐप्स के अकाउंट ही डिलीट कर दिए!
एक कमेंट में किसी ने लिखा, "तीन चीज़ों से पंगा मत लो – किसी की थाली, नींद, और ईमेल!" ज़रा सोचिए, हमारे यहां तो लोग गलती से किसी और के मोबाइल नंबर या आधार कार्ड से भी परेशान हो जाते हैं, तो ईमेल का झंझट कैसा लगेगा?
ईमेल की दुनिया में सावधानी जरूरी
आजकल हर जगह ईमेल मांग ली जाती है – बैंक, कॉलेज, ऑनलाइन शॉपिंग, रेस्टोरेंट बुकिंग, सैलून, सब जगह। पर कई लोग या तो भूल जाते हैं या जानबूझकर किसी और का ईमेल डाल देते हैं ताकि खुद के इनबॉक्स में स्पैम न आए। कई बार नाम में एक डॉट (.) लगा दिया, कभी एक अक्षर आगे-पीछे कर दिया, और सारी परेशानी आपके हिस्से!
एक यूज़र ने लिखा – "Gmail में डॉट लगे या न लगे, वो एक ही ईमेल मानता है! तो जिनका नाम आम है, वो हमेशा परेशान रहते हैं।" भारत में भी बहुत से लोग "firstname.lastname" या "firstnamelastname" जैसी मेल आईडी बनाते हैं, जिससे कई बार गड़बड़ी हो जाती है।
अंत में – अपनी ईमेल की इज्जत खुद करें!
कहानी से एक सीख तो साफ है – अपनी ईमेल दूसरों को बताने से पहले सौ बार सोचें। अगर गलती से किसी और का मेल आ जाए, तो कोशिश करें politely समझाने की; और अगर सामने वाला फिर भी नहीं माने, तो थोड़ा सा बदमाशी वाला बदला भी बुरा नहीं। आखिर, ईमेल भी आपकी पहचान है – उसकी इज्जत करना भी आपकी जिम्मेदारी है।
आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ है? किसी अजनबी की वजह से आपके इनबॉक्स में अजीब-अजीब मेल आए हों? या आपने भी किसी को ऐसा मजेदार सबक सिखाया हो? नीचे कमेंट में जरूर बताएं – आपकी कहानी शायद किसी और को भी हंसी दे दे, या कोई अच्छा आइडिया दे दे!
मूल रेडिट पोस्ट: It took a week, but I'm rather pleased with the outcome