जब केवीना ने चुराया वो चीज़, जिसकी कमी सबको महसूस होनी ही थी!
हमारे देश में तो अक्सर सुनते हैं कि चोरी-चकारी में लोग गहने, पैसे, मोबाइल चुरा लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि कोई अस्पताल या प्लाज़्मा डोनेशन सेंटर से ऐसा सामान चुरा ले, जिसकी जरूरत वहां हर पल पड़ सकती है — और जिसके बिना किसी की जान भी जा सकती है? आज की ये कहानी है अमेरिका के एक प्लाज़्मा डोनेशन सेंटर की, लेकिन इसमें जो हंसने-रोने वाली बात है, वो हम हिंदुस्तानियों के लिए भी उतनी ही दिलचस्प है।
एक अजीब-ओ-गरीब चोरी की शुरुआत
तो भई, कहानी शुरू होती है एक प्लाज़्मा डोनेशन सेंटर से। ये वो जगह होती है जहाँ लोग अपने खून का प्लाज़्मा बेचकर कुछ पैसे कमा लेते हैं — जैसे हमारे यहाँ कोई कॉलेज वाला पार्ट टाइम जॉब करता है या किसी को पैसों की तंगी हो और वो अपना खून या प्लाज़्मा डोनेट कर देता है। वैसे यहाँ डोनेशन के नाम पर खरीदी-बेची होती है, और लोग इसकी नैतिकता पर खूब बहस भी करते हैं।
इसी सेंटर में एक महिला आती थी — मान लीजिए उसका नाम केवीना है। केवीना को बार-बार कुछ हेल्थ इश्यू के कारण डोनेशन से मना कर दिया गया। आखिरकार सेंटर वालों ने उसे एक महीने के लिए बैन कर दिया। अब केवीना को हर हफ्ते मिलने वाले 100 डॉलर की आदत थी, तो उसने सोचा, "अगर डोनेशन से पैसे नहीं मिलेंगे तो चोरी करके ही सही!"
चोरी भी ऐसी, कि सबको पता चलना ही था!
अब ज़रा सोचिए, प्लाज़्मा सेंटर से क्या-क्या चुराया जा सकता है? कोई टोकन, बर्तन, मशीन का छोटा पार्ट — शायद किसी को फर्क न पड़े। मगर केवीना ने सीधा सेंटर का एकमात्र AED (Automated External Defibrillator यानी डिफिब्रिलेटर) ही उठा लिया! ये वो मेडिकल डिवाइस है जिसे दिल का दौरा (heart attack) पड़ने पर किसी की जान बचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। सेंटर में ये कानूनी रूप से भी अनिवार्य था — जैसे हमारे यहाँ कोई सरकारी अफसर फाइल बिना दस्तखत के आगे न बढ़ाए!
मतलब, सोचिए — जैसे मुहल्ले की इकलौती पानी की टंकी ही कोई उखाड़कर ले जाए! सेंटर में डॉक्टर, नर्स, मरीज — सब रोज उस hallway से गुजरते थे, जहाँ AED रखा था। चोरी छुपाने का सवाल ही नहीं। एक कमेंट में किसी ने मजाक में लिखा, "शायद केवीना के प्लाज़्मा में मेथ (नशे की दवा) की मात्रा ज़्यादा रही होगी!"
पकड़ी भी ऐसे गई, जैसे बॉलीवुड मूवी में विलेन पकड़ता है!
अब केवीना ने ये AED चुराया और सीधा सेंटर के सामने वाली पॉन शॉप (पुरानी चीज़ें बेचने की दुकान) में बेचने चली गई। भाई, इतनी बेवकूफी तो हमारे गली-मोहल्ले के चोर भी नहीं करते! किसी ने कहा, "अगर चोरी भी करनी थी तो कम से कम OLX या ऑनलाइन बेच लेती, सेंटर के सामने जाकर कौन बेचता है?"
पॉन शॉप वाले को भी समझ आ गया कि कोई सामान्य इंसान तो हज़ारों डॉलर का नया-नकोर डिफिब्रिलेटर ऐसे नहीं बेच सकता। उन्होंने तुरंत पुलिस और सेंटर को फोन कर दिया। सेंटर में CCTV कैमरों में केवीना की पूरी हरकत रिकॉर्ड हो गई थी — उसका चेहरा, नाम, सोशल सिक्योरिटी नंबर, पता, सब-कुछ सेंटर के रिकॉर्ड में था। बस, पुलिस को तलाशने में वक्त नहीं लगा।
समाज और सिस्टम पर एक नजर
यहाँ कई लोगों ने कमेंट में कहा — "अगर सेंटर के पास AED रखना कानूनन जरूरी था, तो चोरी के बाद बिना नया AED लाए दो दिन तक सेंटर खोला ही क्यों गया?" दरअसल, कानून की कमज़ोरी और मुनाफाखोरी का खेल हर जगह है; चाहे अमेरिका हो या भारत।
दूसरी तरफ, कई कमेंट्स में लोगों ने प्लाज़्मा डोनेशन को लेकर फैली गलतफहमियों को भी दूर किया। एक पूर्व नर्स ने लिखा, "मेरे बच्चे की जान प्लाज़्मा डोनर्स की वजह से बची थी। इंडस्ट्री खुद shady (संदिग्ध) नहीं है, कुछ डोनर्स जरूर अजीब होते हैं।" एक और पाठक ने कहा, "कोई भी दान, चाहे पैसे के लिए हो, किसी ज़रूरतमंद की मदद ही करता है।"
आम धारणा है कि ऐसे सेंटर में सिर्फ गरीब या लाचार लोग ही आते हैं, लेकिन असलियत में बहुत से लोग अपनी जरूरत, योजना या दूसरों की मदद के मकसद से भी डोनेट करते हैं — जैसे हमारे यहाँ लोग शादी, घर बनवाने या यात्रा के लिए छोटी-मोटी जुगाड़ करते हैं।
अंत में — सोचने वाली बात
दो दिन तक सेंटर के कर्मचारी डर में रहे कि कहीं किसी को सच में दिल का दौरा न पड़ जाए, और वो कुछ कर न पाएं। शुक्र है, ऐसा कुछ नहीं हुआ। लेकिन सोचिए, एक व्यक्ति की बेवकूफी, लालच या लाचारी कितनों की जान जोखिम में डाल सकती थी?
हमारे समाज में भी अक्सर लोग सोचते हैं — "मुझे क्या फर्क पड़ता है, मैं तो अपना काम निकाल लूँ..." पर जब बात दूसरों की जान की हो, तो हर छोटा-बड़ा फैसला मायने रखता है। केवीना की कहानी ये सिखाती है कि कम अक्ल और नासमझी में किया गया कोई भी गलत कदम, खुद के साथ-साथ दूसरों के लिए भी खतरा बन सकता है।
आपका क्या ख्याल है? अगर ऐसी चोरी आपके मुहल्ले के अस्पताल में हो जाए, तो आप क्या करेंगे? नीचे कमेंट में अपनी राय जरूर लिखिए। और हाँ, अगर कभी प्लाज़्मा, खून या अंगदान करने का मौका मिले, तो जरूर सोचिए — कभी किसी की जिंदगी आपकी वजह से बच सकती है!
मूल रेडिट पोस्ट: Kevina steals the one thing that everyone will notice is missing