जब किरायेदार ने अपनी कला के साथ घरवालों को दिखाया आईना: एक छोटी-सी बदला कहानी
कहते हैं, “जहाँ कलाकार की आत्मा बसती है, वहाँ दीवारें भी बोलने लगती हैं।” लेकिन सोचिए, अगर किसी ने सालों की मेहनत से अपने किराए के घर को सपनों की रंगीन दुनिया में बदल दिया हो, और अचानक मकान मालिक की लालच भरी नज़र उसमें घुस जाए, तो क्या होगा? आज की कहानी कुछ ऐसी ही है – जिसमें एक कलाकार महिला, उसकी दीवारों की जादूगरी और एक परिवार की ‘मुफ्त की चीज़ कब्ज़ा करने’ की ख्वाहिश ने सबको हिला दिया।
दीवारों पर बसी थी परियों की दुनिया
हमारे मोहल्ले में एक घर था, जिसके बाहर से तो आम सा दिखता था – जैसे किसी गाँव की छोटी सी झोपड़ी, लेकिन अंदर कदम रखते ही ऐसा लगता, जैसे डिज़्नी की फिल्मों, परियों, और जादुई कहानियों का संसार जीवित हो गया हो। ये सारा कमाल था रेखा जी का, जो कभी आर्ट टीचर रही थीं, बाद में पेंटिंग और फर्नीचर डेकोरेशन का काम करने लगीं। मोहल्ले की हर पार्टी, छोटे-बड़े बच्चों की बर्थडे, हर त्योहार पर उनकी बनाई रंगीन दुनिया की खूब चर्चा होती थी।
रेखा जी का पुराना मकान मालिक बड़ा नेक इंसान था। उसने वादा किया था कि एक दिन ये घर उन्हीं का हो जाएगा। लेकिन नियति को कुछ और ही मंज़ूर था। मकान मालिक के गुजरते ही उसकी औलादों ने घर पर कब्ज़ा जमा लिया। बेटे ने अपनी बेटी के साथ घर देखा, और अंदर की कलाकारी देखकर उनको भी उसके दीवाने हो गए। बस, उसी दिन से रेखा जी की मुसीबतें शुरू हो गईं।
"कला समस्या है तो उसे मिटा देंगे!" – बदले की चाल
रेखा जी ने कभी भी लिखित लीज़ (lease) नहीं कराई थी, बस पुराने मालिक पर भरोसा कर लिया था। नए वारिसों को तो मौका मिल गया – बोले, “दीवारों पर ये सब गैरकानूनी है, हमें घर खाली चाहिए।” वजह वही दी – आपके mural (दीवारों पर बनी कलाकृति) की वजह से परेशानी है। मोहल्ले वालों को ये बात बिल्कुल हज़म नहीं हुई। एक पड़ोसी ने खूब सही कहा, “अगर यही दीवारें समस्या हैं, तो नई बहू-बेटी को भी तो परेशानी होगी, फिर क्या फायदा आपको निकालने का?”
रेखा जी टूटीं, लेकिन किस्मत ने आखिरी वक्त पर उनका साथ दिया। उन्हें एक और राज्य में नया घर मिल गया, जिसमें नीचे पूरा art studio था। जाते-जाते उन्होंने सोचा था कि घर की बाहरी झोपड़ी-जैसी सजावट छोड़ देंगी, पर उनके एक दोस्त ने ऑफर दिया – “मैं घर को बिल्कुल basic, यानी ‘रेखा स्टैंडर्ड’ पर ले आता हूँ, बस मुझे पेंट स्प्रेयर चलाने का अभ्यास करना है।”
दीवारें, रंग और बदले का स्वाद
रेखा जी के दोस्त ने पूरा घर, दीवारों से लेकर स्विच कवर, कैबिनेट तक सबकुछ सफेद और स्लेटी रंग में रंग डाला – ऐसा रंग, जैसे किसी अस्पताल की दीवारें हों। घर के अंदर की सारी कलाकारी, सारी कहानियाँ, सब रगड़कर, सैंडर मशीन से मिटा दी गईं। बाहर का लैंडस्केपिंग भी हटाकर बस पत्थर और रेत डाल दी। एक और पड़ोसी ने मज़ेदार तंज कसा, “अब बहू जब घर देखने आएगी तो समझेगी, ये तो कोई बेस्वाद सा फ्लैट है, कला कहाँ गई!”
एक Reddit यूज़र ने बड़ी प्यारी बात लिखी, “अगर मेरी बनाई कला मेरी वजह से मुझे घर से निकाला गया, तो मेरी कला भी मेरे साथ जाएगी। अब वो रंगीन दीवारें नहीं, बस सफेदपन और उदासी।”
करारा जवाब – “मुफ्त का माल? अब लो बेस्वाद घर!”
इस घटना ने सोशल मीडिया पर लोगों को खूब सोचने पर मजबूर कर दिया। कई लोगों ने लिखा, “अगर वाकई कला इतनी पसंद थी, तो रेखा जी से कमिशन पर mural बनवाने की विनती कर लेते, लेकिन मुफ्त का माल चाहिए था सबको!” एक और कमेंट था – “लोगों की ये आदत है, दूसरों की क्रिएटिविटी को ऐसे ही छीन लेना, न मेहनत करनी न दाम देना।”
कई लोगों ने ये भी सलाह दी कि “किराए के मकान में अगर दीवारों पर कुछ बनाना है, तो वो removable (हटाने योग्य) कैनवस पर बनाओ, ताकि जब जाओ तो अपनी कला साथ ले जाओ।” ये बात हमारे यहाँ भी कितनी लागू होती है – कितने लोग हैं जो किराए के घर में सारा मेहतन लगा देते हैं, और जब मकान मालिक का मन बदलता है, सब छीन लेता है।
“काग़ज़ी कार्रवाई ज़रूरी है” – एक सीख हम सबके लिए
इस पूरी कहानी में सबसे बड़ा सबक यही है – भरोसे के साथ-साथ दस्तावेज़ भी ज़रूरी हैं। एक कमेंट में किसी ने लिखा, “मौखिक वादा कभी किसी लालची वारिस के सामने नहीं टिकता। हर बात लिखित में रखें, चाहे रिश्ता कितना भी करीबी क्यों न हो।” बहुत से हिंदुस्तानी भी ऐसे ही पुराने मकान मालिकों की बातों में आ जाते हैं – “बेटा, ये घर एक दिन तेरा ही है” – और फिर एक झटका सब बदल देता है।
निष्कर्ष: आप क्या सोचते हैं?
रेखा जी ने भले ही अपना घर खोया, लेकिन अपनी कला किसी और के लिए छोड़कर नहीं गईं। अब वो नए घर में अपनी सृजनशीलता के साथ और भी खुश हैं। और पिछला घर? अब वहाँ सिर्फ चुप्पी, सफेदी और उदासी है।
क्या आपने या आपके जानने वालों ने कभी ऐसी कोई घटना देखी है, जहाँ आपकी मेहनत या रचनात्मकता को कोई और अपना समझ बैठा हो? या कभी किराये के घर में कुछ नया किया हो, और मकान मालिक ने उसका फ़ायदा उठाया हो?
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मूल रेडिट पोस्ट: Neighbor who's very artistic by nature getting a sudden eviction because the landlords daughter wants the house with the art inside, what art?