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जब 'करन आंटी' ने होटल में मचाया बवाल: रिसेप्शनिस्ट के सब्र की परीक्षा

होटल के रिसेप्शन डेस्क पर AGM कारेन, व्यस्त माहौल में मेहमानों और स्टाफ के साथ अपने अनुभव साझा कर रही हैं।
एक जीवंत और वास्तविक चित्रण में, होटल की AGM कारेन अपने दैनिक अनोखे अनुभवों के मजेदार और चुनौतीपूर्ण किस्से साझा करने के लिए तैयार हैं। उनके साथ जुड़ें और होटल प्रबंधन की हंसी-मजाक और चुनौतियों का अनुभव करें!

अगर आपने कभी होटल में काम किया है या वहाँ ठहरे हैं, तो आपको पता होगा कि मेहमानों के नखरे किसी बॉलीवुड ड्रामे से कम नहीं होते। लेकिन कुछ मेहमान ऐसे होते हैं, जिनकी हरकतें देखकर आप सिर पकड़ लें। आज की कहानी है एक ऐसी 'करन आंटी' की, जिनकी फरमाइशें और तर्क सुनकर होटल स्टाफ़ भी दंग रह गया।

मान लीजिए, आप होटल के रिसेप्शन पर काम कर रहे हैं और सुबह-सुबह ऑफिस में घुसते ही पिछले शिफ्ट की नोट्स मिलती हैं। एक कमरे में पानी की लीकेज हो गई थी, ऊपर का कमरा खाली था, मतलब पाइपलाइन में ही कोई दिक्कत। अब असली मज़ा तब शुरू होता है, जब पता चलता है कि जिस मेहमान को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया, वो वही 'करन आंटी' हैं जो कल रिसेप्शन पर अपना जलवा दिखा चुकी थीं।

ग्राहक भगवान है...लेकिन किचन में नमक कम है!

हमारे यहाँ हमेशा कहा जाता है, "अतिथि देवो भवः", लेकिन जब अतिथि भगवान बनकर ही सारा स्टाफ़ नचा दे, तो क्या करें?
करन आंटी ने तीसरे पक्ष (third party) वेबसाइट से बुकिंग की थी, जिसमें खास तौर पर 'walk-in shower' की मांग रखी थी। रिसेप्शनिस्ट ने वही कमरा दे दिया, लेकिन आंटी दो मिनट में ही सारा सामान लेकर लौट आईं—"ये तो वो नहीं है जो मैंने माँगा!"

रिसेप्शनिस्ट और फ्रंट डेस्क मैनेजर दोनों हैरान—"मैडम, ये तो वही शॉवर है, जो आपने मांगा था।" लेकिन आंटी की जिद—"मुझे तो स्टैंड-अप कॉर्नर शॉवर वाला कमरा चाहिए, जिसमें दरवाजा हो।" अब समझाइश देकर हार गए, तो आखिरकार शिफ्ट कर दिया।

लेकिन किस्मत भी होटल वालों की देखिए, ऊपर के बाथरूम की लीकेज नीचे आंटी के कमरे में आ गई। मजबूरी में अब उन्हें टब वाले कमरे में भेजना पड़ा। बस, यहीं से शुरू हुआ असली ड्रामा—"मैं तो कॉर्पोरेट में शिकायत करूंगी!"

बाथरूम की किस्में और ग्राहकों की ख्वाहिशें

आपको लगेगा, शॉवर में क्या इतनी साइंस है? Reddit पर एक कमेंट करने वाले ने भी यही पूछा—"स्टैंड-अप शॉवर और वॉक-इन शॉवर में फर्क क्या है?"
ओरिजिनल पोस्टर (OP) ने बड़ा मज़ेदार जवाब दिया—"हमारे यहाँ तीन तरह के शॉवर हैं—
1. पूरी तरह से व्हीलचेयर के लिए 'हैंडिकैप्ड'
2. बिना किसी रुकावट के 'walk-in'
3. और एक जिसमें छोटी सी दीवार या लेज होती है, दरवाजा भी होता है—इसे 'stand-up' कहते हैं।"

मतलब, होटल वालों के लिए बाथरूम चुनना भी 'कौन बनेगा करोड़पति' के सवाल से कम नहीं!

"मैं वफादार ग्राहक हूँ" - लेकिन सदस्यता नहीं है?

करन आंटी का अगला तर्क—"मैं तो वफादार ग्राहक हूँ, मुझे छूट चाहिए।" रिसेप्शनिस्ट सोच में—"अरे मैडम, आप तो हमारे मेंबर भी नहीं हैं!"
OP ने बड़े ही मज़ेदार अंदाज में लिखा—"मैने उन्हें कहा, चूँकि मैं अपनी नौकरी में नालायक हूँ, तो आपके लिए रिसर्च करके आऊंगा कि किस शॉवर का क्या फर्क है। और हाँ, आप प्रीपेड थर्ड पार्टी से बुकिंग कर चुकी हैं, अब रिफंड उन्हीं से मांगिए। और अगली बार कहीं और रुकिए, क्योंकि हम आपके दो आने वाले बुकिंग्स कैंसिल कर रहे हैं।"

यहाँ कई Reddit यूजर्स ने मज़ाकिया अंदाज में लिखा—"काश होटल वालों के लिए भी कोई वेबसाइट होती, जहाँ वो ऐसे ग्राहकों की शिकायत कर पाते!"
एक ने तो यह भी कहा—"ऐसी करन आंटी को इंटरनेट से भी शिकायत करना मुश्किल होगा, वाई-फाई कनेक्ट करना भी इनके बस की बात नहीं!"

होटल स्टाफ़ की टीमवर्क और बॉस का समर्थन

कई बार ऐसा होता है कि बॉस सामने हो, लेकिन कर्मचारी को ही 'बुरा पुलिस' बनना पड़ता है। OP ने बताया कि उनका GM (जनरल मैनेजर) खुद 30 साल से होटल चला रहे हैं, लेकिन जब आंटी का ड्रामा चल रहा था, GM मुस्कुरा रहे थे और पूरे मामले में स्टाफ़ का साथ दे रहे थे।
एक कमेंट में इसे खूब सराहा गया—"ऐसे बॉस मिल जाएं, तो कर्मचारी भी जी-जान लगा देता है।"
और सोचिए, कितनी राहत की बात थी, जब आंटी ने अपनी आगे की दोनों बुकिंग खुद ही रद्द कर दीं। OP ने लिखा—"भगवान का लाख-लाख शुक्र है!"

होटल वालों की भी सुनिए जनाब!

हर जगह ग्राहक की शिकायतें दर्ज करने के मंच हैं, लेकिन होटल कर्मचारियों के लिए ऐसी कोई जगह नहीं। Reddit जैसे मंच पर लोग दिल खोलकर अपने अनुभव साझा करते हैं और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हैं।
OP ने वादा किया है कि अगर आंटी ने कोई रिव्यू डाला, तो वो सबको अपडेट देंगे। बाकी Reddit कम्युनिटी तो बेसब्री से इंतजार कर रही है कि आखिरकार आंटी क्या लिखेंगी!

निष्कर्ष: 'करन आंटी' हर जगह हैं!

हमारे समाज में भी ऐसे 'करन' और 'करन आंटी' मिल ही जाते हैं, चाहे वो मोहल्ले की दुकान हो या सरकारी दफ्तर। होटल में काम करने वालों का सब्र और टीमवर्क काबिल-ए-तारीफ होता है।
अगर आपको भी कभी ऐसे अजीब ग्राहक मिले हों, तो नीचे कमेंट में जरूर बताइए।
और हाँ, अगली बार होटल बुक करें तो सीधा होटल से बात करें, तिकड़मबाज़ वेबसाइट्स से नहीं—वरना कहीं आप भी 'करन आंटी' ना बन जाएं!

आपकी भी कोई मज़ेदार होटल या ग्राहक से जुड़ी कहानी है? कमेंट में शेयर करें, और ऐसी ही दिलचस्प किस्सों के लिए हमारे ब्लॉग से जुड़े रहें!


मूल रेडिट पोस्ट: Karen’s… they think they know everything…