जब ऑफिस ड्रेस कोड बना मज़ाक, किल्ट पहनकर कर्मचारी ने मैनेजर को चौंका दिया!
क्या आपके ऑफिस में भी कभी-कभी ऐसे अजीबोगरीब नियम बन जाते हैं कि समझ ही नहीं आता, हँसा जाए या सिर पकड़ा जाए? सोचिए, तपती गर्मी में एसी काम नहीं कर रहा, न पंखा लगाने की इजाज़त, ऊपर से ड्रेस कोड का ऐसा जोर कि लगता है किसी राजा के दरबार में नौकरी कर रहे हों!
आज की कहानी है एक ऐसे कर्मचारी की, जिसने अपने ऑफिस के कड़े ड्रेस कोड को न सिर्फ मज़ाक बना दिया, बल्कि अपनी विरासत के सहारे मैनेजर को ऐसा सबक सिखाया कि आज भी Reddit पर लोग उसकी तारीफों के पुल बाँध रहे हैं।
जब गर्मी में पसीने छूटे, ड्रेस कोड ने बढ़ाई मुश्किल
2012 की बात है, अमेरिका के एक बड़े मोबाइल कंपनी के कॉल सेंटर में काम करने वाले साहब (नाम मान लीजिए 'राज़ीव') का कद 6 फुट 5 इंच, वजन 130 किलो – बिलकुल WWE वाले 'दी ग्रेट खली' के जैसे। वैसे ही गर्मी में पसीने-पसीने, ऊपर से ऑफिस में पंखा और हीटर दोनों बैन! ऑफिस की नियमावली कहती थी – पुरुषों को फॉर्मल पैंट, कॉलर वाली शर्ट और बंद जूते पहनना अनिवार्य है।
राज़ीव सोच में पड़ गए, "भैया, अब तो गर्मी में उबलना तय है!"
विरासत बनी हथियार – किल्ट पहनकर पहुंचे ऑफिस
अगले ही दिन राज़ीव ऑफिस पहुंचे स्कॉटिश पारंपरिक पोशाक 'किल्ट' पहनकर – घुटनों तक स्कर्ट जैसी ड्रेस, लंबी जुराबें, चमचमाते जूते और ऊपर से कॉलर वाली शर्ट। जैसे ही ऑफिस में घुसे, मैनेजर की आँखें फटी की फटी रह गईं। फौरन रोक लिया – "ये क्या पहन लिया? ये ऑफिस है, कोई शादी का मंडप नहीं!"
राज़ीव ने मुस्कुराकर कहा, "मैडम, ये मेरे खानदान की विरासत है। स्कॉटलैंड में किल्ट को सम्मानजनक ऑफिस ड्रेस माना जाता है। अगर आपको आपत्ति है, तो चलिए HR से बात कर लेते हैं।"
HR में घुसते ही HR मैम बोलीं, "वाह! क्या शानदार किल्ट है! कैसे मदद करूँ?" मैनेजर ने शिकायत की – "इन्होंने पैंट नहीं पहनी!" HR मुस्कराईं, राज़ीव को धन्यवाद दिया और वापस डेस्क पर भेज दिया। बाद में मैनेजर ने मजबूरी में माफी माँगी और फिर कभी किल्ट पर सवाल नहीं उठाया।
ऑफिस ड्रेस कोड – नियम या बॉस की तानाशाही?
इस Reddit पोस्ट पर लोगों ने खूब मज़ेदार टिप्पणियाँ कीं। एक यूज़र ने लिखा, "भैया, ये कॉल सेंटर है, यहाँ कोई ग्राहक तो मिलने आता नहीं, फिर इतना तामझाम किसलिए?"
दूसरे ने जोड़ा – "असल में ये सब बॉस की इज़्ज़त बचाने का तरीका है, जैसे हरियाणा के पंचायत में सरपंच के आगे सब साफा बांधकर ही जाएँ!"
किसी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "हमारे यहाँ भी कॉल सेंटर में लड़कों को टाई, लड़कियों को स्कर्ट पहनना ज़रूरी था, क्योंकि बॉस को टाँगें देखने में मज़ा आता था! सोचिए, नियम किस लिए बनाए जाते हैं!"
एक और मज़ेदार कमेंट था – "जब ड्रेस कोड में पैंट लिखा है, तो स्कर्ट क्यों नहीं? एक बार हमारी क्लास के लड़कों ने भी विरोध में स्कर्ट पहनकर स्कूल चले गए थे – अगले साल से नियम बदल गया!"
किसी ने कहा – "किल्ट पहनने का असली मजा ये है कि उसके नीचे क्या है, इसका राज़ ही मजेदार है!" (वैसे, असली स्कॉटिश परंपरा के अनुसार, किल्ट के नीचे कुछ नहीं पहना जाता!)
किल्ट – गर्मी में राहत या नया झमेला?
बहुतों ने किल्ट पर चर्चा छेड़ दी – "किल्ट तो ऊनी होता है, उसमें और गर्मी नहीं लगती?"
OP (राज़ीव) ने जवाब दिया – "आजकल गर्मियों के लिए हल्के कपड़े वाले किल्ट भी आते हैं। और असली किल्ट हवा का दौरा बढ़ाते हैं, पसीना जल्दी सूखता है।"
एक और यूज़र ने ज्ञान दिया – "ऊनी कपड़ा गर्मी में भी आरामदायक रहता है, क्योंकि वो पसीने को बाहर निकाल देता है। जैसे हमारे यहाँ राजस्थान के लोग गर्मी में भी अंगोछा और लूंगी पहनते हैं!"
ऑफिस के नियम – कब तक चलेंगे ये ड्रामे?
कई भारतीय पाठकों को ये कहानी अपने ऑफिस की याद दिला गई – "अगर हमारे ऑफिस में भी ऐसा कड़ा ड्रेस कोड हो जाए, तो आधे लोग तो इस्तीफा दे दें!"
किसी ने कहा, "अगर कंपनी यूनिफॉर्म नहीं देती, तो कपड़े खरीदने का खर्चा क्यों उठाएँ? हम भी जुगाड़ निकालेंगे!"
कुल मिलाकर, Reddit पर लोगों ने एक सुर में कहा – "नियम का मकसद सुविधा और सम्मान होना चाहिए, तानाशाही नहीं। वर्ना कर्मचारी भी जुगाड़ू होते हैं, हर नियम का तोड़ निकाल ही लेते हैं!"
निष्कर्ष – विरासत और हिम्मत का संगम
राज़ीव की कहानी हमें सिखाती है कि अपने हक के लिए तर्क और आत्मविश्वास से खड़े हो जाएँ, तो बड़े से बड़ा मैनेजर भी नियम बदलने पर मजबूर हो जाता है। ऑफिस के ड्रेस कोड हों या कोई और नियम – अगर वो तर्कहीन हों, तो उन्हें बदलना ही चाहिए।
आपका क्या अनुभव रहा है ऑफिस ड्रेस कोड को लेकर? क्या आपने कभी ऐसे नियमों का जुगाड़ निकाला है? कमेंट में ज़रूर बताइए, और अगर कहानी पसंद आई हो तो दोस्तों के साथ शेयर कीजिए – क्या पता आपके ऑफिस में भी कोई 'किल्ट' वाला हीरो छुपा बैठा हो!
मूल रेडिट पोस्ट: You want to deny my Heritage?