जब आईटी वालों से भिड़ गया रिपेयर टेक – कॉफी, कंप्यूटर और शैडो आईटी की कहानी
क्या आपने कभी ऑफिस में ऐसा दिन बिताया है जब सुबह की पहली कॉफी के साथ ही लगता है कि आज कुछ बड़ा होने वाला है? हमारी कहानी के नायक, एक रिपेयर टेक, का दिन भी कुछ ऐसा ही था – जहां कॉफी के हर घूंट के साथ आईटी टीम से जंग और दिमागी जुगाड़ की कहानी आगे बढ़ती गई।
कंप्यूटर, नेटवर्क, और एक्सेल के झंझट में उलझे ऑफिस के आम दिनों से हटकर, इस कहानी में आपको मिलेगा – शुद्ध देसी अंदाज में तकनीक का तड़का, हिंदी ऑफिस संस्कृति के मसाले और शैडो आईटी का तजुर्बा!
कॉफी, कीबोर्ड और ऑफिस का पहला युद्ध
हर ऑफिस में चाय या कॉफी पीने का अपना अलग मज़ा है, लेकिन जब सुबह-सुबह ही आपको आईटी से मिला कीबोर्ड खराब निकले, तो मज़ा थोड़ा किरकिरा हो जाता है। हमारे नायक का किस्सा भी कुछ ऐसा ही था – "आईटी वालों ने मुझे ऐसा कीबोर्ड दिया जिसमें शिफ्ट की ही जाम थी! onboarding भी पूरी नहीं हुई थी कि रिपेयर करना पड़ गया।"
यहीं से शुरू होती है आईटी बनाम रिपेयर टेक की टक्कर। सोचिए, एक ओर आईटी टीम है जो हर अपडेट, हर एक्सेस के लिए टिकेट सिस्टम पर टालमटोल करती है, दूसरी ओर वो टेक जो जुगाड़ में माहिर है।
एक कमेंट करने वाले ने लिखा – "भैया, ये तो हमारे कॉलेज के दिनों की याद दिला दी! तब भी ऐसे ही आईटी वालों से जूझना पड़ता था।" सच कहें तो, हर भारतीय ऑफिस में ऐसे जुगाड़ू लोग खूब मिलेंगे, जो आईटी की नाक के नीचे अपना काम निकाल ही लेते हैं!
ऑडियो ड्राइवर, विंडोज़ की माया और जुगाड़ की जीत
ऑफिस का अगला मोर्चा – ऑडियो पैचबे और विंडोज़ ड्राइवर की मस्ती! जब सबकुछ ठीक-ठाक चल रहा हो, तभी अचानक लैपटॉप से आवाज़ नहीं निकले, तो किसका दिमाग नहीं घूमेगा? हमारे नायक ने Crab Rave बजाने की कोशिश की, लेकिन आवाज़ सीधे लैपटॉप के स्पीकर से!
जैसे ही उन्होंने विंडोज़ अपडेट की 'माया' देखी – नया ड्राइवर जो डेल की साइट पर नहीं मिलता – तो पुराने ड्राइवर को फिर से इंस्टाल किया और अपडेट को 14 दिन के लिए टाल दिया।
यहां एक कमेंट में कहा गया – "आईटी वालों को पता भी नहीं चलता कि ऑफिस में कौन-कौन से जुगाड़ चल रहे हैं।" और सच में, हमारे नायक ने जो PSExec और Nmap का जुगाड़ लगाया, उस पर तो हर देसी टेक्नीशियन गर्व करेगा!
शैडो आईटी – जब काम करना हो, तो रास्ते खुद बन जाते हैं
ऑफिस का असली रंग तो तब दिखा जब आईटी ने नेटवर्क स्कैनर इस्तेमाल करने से मना कर दिया और पुराने सर्वर का पता लगाने के लिए कोई मदद नहीं दी। अब देसी टेक का जुगाड़ देखिए – खुद ही एडमिन एक्सेस का फायदा उठाकर Powershell के ज़रिए काम निकलवाया, Defender को चकमा दिया और सर्वर का IP ढूंढ निकाला।
एक यूज़र ने कमेंट किया – "हमारे यहां भी जब आईटी मदद नहीं करता, तो अपना ही सिस्टम है – शैडो आईटी ज़िंदाबाद!" यही तो है भारतीय ऑफिसों की असली पहचान – जब सिस्टम साथ न दे, तो जुगाड़ काम आता है!
आईटी की दीवारें और अपने लोग
कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा तब आया, जब सामने वाले यूज़र को ऑफिस के नेटवर्क से शेयरपॉइंट और टाइम क्लॉक एक्सेस नहीं मिल पा रहा था और आईटी की मदद सिर्फ 'टिकट बनाइए' तक सीमित थी। हमारे टेक ने अपने कनेक्शन और नॉलेज का इस्तेमाल करके VPN सेटिंग्स सेट कीं, और यूज़र के चेहरे पर मुस्कान ला दी।
यहां एक कमेंट में बहुत बढ़िया बात लिखी – "आईटी वालों से जब सीधे बात करो तो मदद मिल जाती है, लेकिन ऑफिशियल चैनल से कुछ नहीं होता।" भारतीय ऑफिस कल्चर में भी यही चलता है – जान-पहचान हो तो काम फटाफट, वरना टालमटोल!
कॉफी का स्वाद और शैडो आईटी की जीत
हर बार जब कोई दिक्कत आती, तो नायक अपनी कॉफी का एक घूंट लेते – कभी स्वाद में खीझ, कभी संतोष, कभी जीत की मिठास। यही तो है ऑफिस लाइफ – हर दिन नया चैलेंज, हर घूंट में नई कहानी।
कहानी के अंत में नायक ने कहा – "शैडो आईटी तब तक चलेगी, जब तक आईटी का सर्विस लेवल सुधरेगा नहीं।" और इसमें कितनी सच्चाई है!
निष्कर्ष: आपका जुगाड़ क्या है?
तो दोस्तों, आपके ऑफिस में भी ऐसे किस्से होते हैं क्या? क्या आपने भी कभी आईटी की दीवारें लांघकर जुगाड़ लगाया है? नीचे कमेंट करके बताइए – आपकी सबसे मज़ेदार शैडो आईटी जर्नी कौन-सी रही?
और हाँ, अगली बार जब कॉफी पिएं, तो याद रखिए – असली मज़ा वही है जब हर घूंट के साथ एक नई जुगाड़ निकल आए!
मूल रेडिट पोस्ट: Hell hath no fury like a repair tech spurned...