जब 'अस्टेरिक्स' ने प्रेजेंटेशन में मचाया धमाल – एक ऑफिस की मज़ेदार कहानी
ऑफिस में काम करते हुए अक्सर ऐसे किस्से सुनने को मिलते हैं, जिन पर हँसी रोकना मुश्किल हो जाता है। कभी-कभी छोटे-छोटे शब्दों की गलतफहमी इतनी बड़ी बन जाती है कि पूरा माहौल हल्का-फुल्का हो जाता है। आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिसमें ‘अस्टेरिक्स’ और ‘अस्टेरिस्क’ के फेर में एक प्रेजेंटेशन पूरी तरह से यादगार बन गया।
ऑफिस की जिद और शब्दों की तकरार
ये किस्सा है एक मार्केटिंग डिपार्टमेंट का, जहां रोज़ाना प्रेजेंटेशन बनते-बिगड़ते हैं। हमारे हीरो, मान लीजिए नाम है विकास, अपने सहकर्मी पॉल (यहां के लिए 'पंकज' कह लो) के लिए एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन बना रहे थे। पंकज साहब कल ‘एच’ की उच्चारण (‘ऐच’ बनाम ‘हैच’) पर बहस हार चुके थे, तो आज उनका मूड फिर से जीतने का था।
अब पंकज ने फरमाइश रखी – “हर बुलेट पॉइंट के आगे ASTERIX लगाना है!” विकास ने विनम्रता से टोका, “आपका मतलब ASTERISK है, वो स्टार वाला चिन्ह?” पंकज बोले, “नहीं, ASTERIX! वो स्टार जैसा दिखता है, तुम्हें नहीं पता क्या?”
यहाँ पर ऑफिस का तीसरा सदस्य, जॉन, बिलकुल हिंदी सीरियल के ‘साइड कैरेक्टर’ की तरह चुपचाप सिर झुकाकर बैठा रहा – न पक्ष में, न विपक्ष में। आखिरकार, विकास ने दोबारा कन्फर्म किया, “तो आप वाकई ASTERIX ही चाहते हैं, ASTERISK नहीं?” पंकज ने पूरी दृढ़ता से हामी भर दी।
जब कॉमिक्स का हीरो प्रेजेंटेशन में आ गया
अब असली मज़ा शुरू हुआ। शायद पंकज को नहीं पता था कि ASTERIX असल में एक इंटरनेशनल कॉमिक्स कैरेक्टर है – ‘Asterix the Gaul’। ये वही फ्रेंच कॉमिक है, जो कई भारतीय पाठकों ने बचपन में ‘चाचा चौधरी’ या ‘सुपर कमांडो ध्रुव’ की तरह लाइब्रेरी में पढ़ी होगी। विकास ने फटाफट गूगल से ‘Asterix’ की फिंगर वेविंग वाली फोटो उठा ली और हर बुलेट पॉइंट के आगे लगा दी।
अब पंकज साहब जब प्रेजेंटेशन प्रिंट करने आए, तो उन्होंने देखा कि हर जगह एक छोटा सा ‘योध्दा’ – यानी ASTERIX – मुस्कुरा रहा है। हैरान होकर बोले, “ये क्या है? कोई वाइकिंग?” विकास ने मुस्कुरा कर जवाब दिया, “नहीं, वाइकिंग नहीं, ये ASTERIX है – फ्रांस का योद्धा। आपने ही तो कहा था, आपको ASTERIX चाहिए।”
ऑफिस में दो दिन लगातार बहस हारने के बाद, पंकज भी समझ गए कि शब्दों की जिद्द कभी-कभी भारी पड़ जाती है। जॉन अब भी चुपचाप, मन ही मन मुस्कुरा रहा था – जैसे हिंदी फिल्मों का ‘मूक दर्शक’।
कमेंट्स की दुनिया – सोशल मीडिया पर छाए ASTERIX
Reddit पर इस पोस्ट पर लोग जमकर हँसे। एक कमेंट में किसी ने लिखा – “अब पंकज को वाशिंगटन मोन्युमेंट देखकर भी ‘Obelix’ याद आ जाएगा!” एक नर्स ने मज़ाक में बताया – “ASTERIXIS असल में मेडिकल शब्द है, जो लिवर डिजीज में हाथ कांपने से जुड़ा है। मुझे तो लगा था पोस्ट उसी पर है!” ऐसे ही, एक और पाठक ने कहा – “तुम्हारे पास बहुत ‘Gaul’ है...” (यहाँ ‘गॉल’ शब्द का खेल है – ASTERIX का गांव ‘Gaul’ है और अंग्रेज़ी में ‘gall’ मतलब दुस्साहस होता है)।
एक और मज़ेदार कमेंट था – “John तो बस सिर झुकाए बैठा रहा, बड़ा समझदार निकला!” सच भी है, ऑफिस में कभी-कभी तटस्थ रहना ही सबसे बेहतर होता है।
किसी ने तो हिंदी अंदाज में लिखा – “अब अगली बार पंकज कहेंगे कि इंडिया गेट असल में ‘Obelix’ जैसा दिखता है!” और वहीं एक और पाठक बोला – “शब्दों की जिद्द पर कभी-कभी पूरा प्रोजेक्ट ही कॉमिक बन जाता है।”
भारत में ऑफिस बहस: जिद्द, हठ और थोड़ा सा मज़ा
हमारे यहां भी ऐसे किस्से खूब होते हैं। कभी-कभी बॉस ‘पॉइंटर’ को ‘प्वाइंटर’ कह देता है, या ‘सीवी’ को ‘सीवी’ की बजाय ‘करिकुलम विटा’ बोलता है। टीम में कोई ‘रिसीट’ को ‘रसीद’ और ‘क्वेश्चन’ को ‘क्वेश्चन’ कहे बिना मानता ही नहीं। फिर भी, इन छोटी बातों में ही तो ऑफिस की असली जान है।
वैसे, यह किस्सा हमें सिखाता है – शब्दों की सही जानकारी हो, लेकिन दूसरों की बात भी समझें। नहीं तो उसका नतीजा ASTERIX की तरह सबके सामने कॉमिक बन सकता है।
निष्कर्ष: आपकी ऑफिस की सबसे मज़ेदार जिद्द कौन सी रही?
दोस्तों, आपके ऑफिस में भी कभी किसी शब्द, उच्चारण या टर्म को लेकर ऐसी तकरार हुई है? या फिर किसी ने कुछ मांगा और आप ने उसकी बात को बिल्कुल उसी तरह पूरा किया – ‘शब्दश:’ – और उसका नतीजा मज़ेदार निकला? अपनी कहानियाँ और अनुभव कमेंट्स में जरूर साझा करें। आखिर, हँसी-मज़ाक और थोड़ी सी चुटकी ही तो ऑफिस लाइफ को दिलचस्प बनाती है!
तो अगली बार कोई ASTERISK मांगे तो ध्यान से पूछिए – साहब, ‘छोटा तारा’ चाहिए या ‘कॉमिक्स का हीरो’?
मूल रेडिट पोस्ट: Colleague was adamant he wanted 'Asterixes' on his presentation. You got it buddy.