ज़िपटाई से मिली छोटी सी मीठी बदला: जब पड़ोसी को समझ आई सफ़ाई की अहमियत
हमारे मोहल्लों और सोसाइटीज़ में पड़ोसियों की हरकतें कभी-कभी हमारी सहनशीलता की परीक्षा लेती हैं। कोई अपनी कार पार्किंग में घुसा देता है, तो कोई बिन सोचे-समझे कचरा फेंक देता है। ऐसे में कई बार मन करता है कि कुछ ऐसा करें कि सामने वाले को उसकी गलती का अहसास हो जाए, पर बिना किसी बड़े झगड़े या नुक़सान के। आज मैं आपको एक ऐसी ही कहानी सुनाता हूँ, जिसमें छोटी-सी 'पेटी रिवेंज' (मज़ेदार बदला) ने एक गंदी आदत पर लगाम लगा दी।
पड़ोसी की गंदी आदत और बेटे का मासूम बदला
कहानी Reddit के एक यूज़र u/Playmad37 की है, जिन्होंने अपनी बिल्डिंग के गार्डन में एक पड़ोसी महिला को कार से कचरा फेंकते देख लिया। अब हमारे यहाँ भी कई बार ऐसा देखने को मिल जाता है – "जहाँ जगह मिली, फेंक दो कचरा!" उन्होंने उस कचरे को उठाया और उसी महिला की कार की विंडशील्ड पर रख दिया, वाइपर भी उठा दिए, ताकि महिला को एहसास हो कि किसी ने देख लिया है।
पर अगली सुबह क्या हुआ? कार तो गायब, पर कचरा वहीं पार्किंग में पड़ा मिला। ऐसे में हिम्मत हारना आसान है, मगर हमारे नायक ने हार नहीं मानी! कचरे को फिर से उठाया, इस बार घर ले गए। सोच रहे थे – "अब क्या किया जाए कि बिना नुक़सान पहुँचाए, सामने वाले को सबक भी मिल जाए?"
पापा की 'पेटी रिवेंज' का देसी जुगाड़
यहाँ आते हैं उनके पापा, जिनकी बदला लेने की कला काबिले तारीफ है। उनका अंदाज़ "ना नुक़सान, ना हंगामा – बस थोड़ा सा तगड़ा झटका!" जैसा है। Reddit यूज़र लिखते हैं कि उनके पापा ने एक बार गैस स्टेशन में लाइन में बुज़ुर्ग महिला को छलने वाले की गाड़ी के टायर ही पंक्चर कर दिए थे! (वैसे अपने यहाँ भी मोहल्ले के 'शेरू अंकल' इसी टाइप के होते हैं।)
पापा का फॉर्मूला था – एक बड़ी सी ज़िपटाई लें, कार के दोनों वाइपर को ऊपर उठाकर आपस में कसकर बांध दें। अब सोचिए, सुबह-सुबह जब पड़ोसी महिला ऑफिस जाने की जल्दी में आई होगी, तो वाइपर हिल ही नहीं रहे होंगे। कैंची तो गाड़ी में होती नहीं, ऊपर से बिल्डिंग में रहती हैं – यानी वापस घर लौटो, कैंची ढूंढो, वाइपर काटो, तब जाकर सफर शुरू हो! साथ ही छोड़ा गया नोट – "अगर फिर कचरा फेंका, तो अगले कदम में नुक़सान होगा।" अब भला कौन न डरे ऐसी चेतावनी से?
Reddit कम्युनिटी की राय – शरारत के और भी नुस्खे
इस कहानी पर Reddit कम्युनिटी में खूब चर्चा हुई। एक यूज़र ने तो बताया कि पुराने ज़माने में पेट्रोल चोरी रोकने के लिए 'लॉकिंग गैस कैप' का इस्तेमाल होता था – बिना चाबी के पेट्रोल भरना नामुमकिन! एक और सज्जन ने मज़ाक में लिखा – "अगर किसी की कार से बदला लेना है, तो उसकी विंडशील्ड पर मक्खन या शहद लगा दो – सफाई में बुरा हाल हो जाएगा!" (जैसे हमारे यहाँ कोई किसी की साइकिल की सीट पर हल्दी या तेल लगा दे।)
किसी ने अपनी कहानी सुनाई कि किस तरह दूध को कार की सीट पर डाल देने से बदला लिया गया – सोचिए, गर्मी में बदबू का क्या हाल होगा! एक अन्य कमेंट में बताया गया कि ज़िपटाई से वाइपर बांधना एकदम 'पेटी, लेकिन असरदार' तरीका है। कुछ लोगों ने तो मज़ाक में कहा कि अब से अपनी गाड़ी में ज़िपटाई और कैंची हमेशा रखेंगे – ज़रूरत पड़ने पर काम आएंगी!
देसी तड़का: हमारे यहाँ की पेटी रिवेंज
हमारे भारत में भी 'पेटी रिवेंज' के किस्से कम नहीं हैं। याद करिए, जब कोई आपकी बाइक के हैंडल में कचरा फंसा देता है, या किसी की चप्पल छुपा देता है! शादी-ब्याह में जूता-चोरी हो या अपनी गली में पार्किंग की जंग – हमारे देश में भी बिना नुक़सान पहुँचाए सबक सिखाने के जुगाड़ खूब हैं।
यह कहानी हमें यह भी सिखाती है कि हर समस्या का हल बड़ा नहीं, कभी-कभी छोटा और चुटीला होना चाहिए – बस सामने वाले की अकड़ निकल जाए! और हाँ, सफाई रखना और दूसरों का हक़ समझना – ये बातें तो संस्कारों की तरह हैं, जिनकी याद दिलाने के लिए कभी-कभी ऐसी पेटी रिवेंज ज़रूरी है।
क्या आपकी भी कोई 'पेटी रिवेंज' कहानी है?
तो दोस्तों, अगली बार कोई आपके मोहल्ले में गंदगी फैलाए या आपकी जगह कब्ज़ा करे, तो इस कहानी से प्रेरणा लेकर स्मार्ट और शालीन बदला लीजिए – लेकिन ध्यान रहे, किसी तरह का नुकसान या गैरकानूनी काम ना करें।
आपकी सबसे मज़ेदार या यादगार 'पेटी रिवेंज' क्या है? कमेंट में ज़रूर बताइए! कौन जाने, अगले ब्लॉग में आपकी कहानी को जगह मिल जाए।
साफ-सफाई रखें, पड़ोसी को सबक सिखाएँ – पर मज़े के साथ!
मूल रेडिट पोस्ट: Sharing my dad's petty revenge trick