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खेल टूर्नामेंट में आते हैं सबसे अजीब लोग! होटल स्टाफ की अनोखी जंग

टूर्नामेंट के दौरान खेल प्रशंसकों और ऊर्जावान बच्चों से भरे एक अस्तव्यस्त होटल लॉबी का कार्टून 3D चित्र।
टूर्नामेंट के मौसम की हलचल में डूब जाइए! यह जीवंत कार्टून-3D चित्र होटल लॉबी की उत्साही खेल प्रशंसकों और जोश से भरे बच्चों की ऊर्जा को बखूबी दर्शाता है, जो हमारे मजेदार टूर्नामेंट अराजकता के दृष्टिकोण के लिए एकदम सही मंच तैयार करता है।

दोस्तों, अपने देश में क्रिकेट या कबड्डी का टूर्नामेंट हो तो पूरा मोहल्ला जाग जाता है! लेकिन सोचिए अगर ऐसे ही टूर्नामेंट के दौरान, होटल में रुकी टीमें और उनके माता-पिता, स्टाफ की नाक में दम कर दें? आज की कहानी कुछ वैसी ही है—एक विदेशी होटल की, लेकिन हालात वैसे ही जैसे हमारे यहाँ अक्सर देखे जाते हैं!

खेल टूर्नामेंट और होटल वालों की मुसीबतें

कहानी है एक दो-तारा होटल की, जहाँ उस दिन शहर में बड़ा 'स्पोर्ट्स टूर्नामेंट' था। होटल पूरी तरह बुक, बच्चे खिलखिलाते, माता-पिता अपनी जीत के सपने संजोये बैठे। कुछ लोग सोच रहे थे होटल में फाइव स्टार जैसी 24 घंटे की सर्विस मिलेगी—लेकिन यहाँ तो बस सुबह की चाय और डोनट्स!

इन शोरगुल के बीच, एक बेचारा बिजनेस ट्रैवलर भी था, जिसे बस शांति चाहिए थी। सब कुछ सामान्य था—तभी रात के लगभग साढ़े नौ बजे दरवाजे पर एक भारी-भरकम ट्रक आकर रुका। उससे उतरे 'मिस्टर स्पोर्ट्स डैड' (यानी MSD), जिनके इरादे किसी फिल्मी विलेन से कम न थे।

"कोच स्पोर्टी कहाँ है?"—होटल रिसेप्शन पर हाई वोल्टेज ड्रामा

MSD सीधे काउंटर पर पहुँचे और बोले, "कोच स्पोर्टी यहाँ रुके हैं क्या?"
रिसेप्शनिस्ट ने मुस्कराते हुए जवाब दिया, "माफ कीजिए, मैं मेहमानों की जानकारी आपकी सुरक्षा के लिए नहीं दे सकता।"
लेकिन MSD कहाँ मानने वाले थे! बोले, "मेरे बेटे को प्लेइंग इलेवन में लेना है, कोच को बताना जरूरी है। टीम के दो खिलाड़ी नहीं आए, मेरा बेटा ही टीम की जान है!"

रिसेप्शनिस्ट ने बार-बार समझाया—नीति, सुरक्षा, नियम... मगर MSD ने तो जैसे कसम खा ली थी। आखिरकार, MSD ने नोट निकाला—"ये लो, श्रीमान फ्रैंकलिन की पॉलिसी!" (यानि 100 डॉलर की रिश्वत)।
रिसेप्शनिस्ट ने ठंडेपन से जवाब दिया, "न पैसे लूँगा, न जानकारी दूँगा। अब कृपया जाइए, वरना पुलिस बुला लूँगा।"

MSD ने गुस्से में कुछ अपशब्द कहे, ट्रक में धड़ाम से बैठे, और निकल गए। लेकिन किस्मत देखिए, ट्रक 20 फीट जाकर बंद! MSD फिर से गुस्से में होटल में घुसे—"कोच स्पोर्टी यहीं है, उनकी बीवी की कार बाहर खड़ी है, उसमें खरगोश का खिलौना भी है!"
रिसेप्शनिस्ट ने फिर विनम्रता से समझाया, "सर, ये आम कार है, कृपया जाइए।"
MSD—"तो मुझे कमरा दो! किसी और खिलाड़ी को निकाल दो, मेरा बेटा खेलेगा, कोच खुश होगा, रिक्रूटर देखेंगे, पूरा करियर बन जाएगा!"

जनता की राय—अजब बाप, बेचारा बच्चा, और होटल की रणनीति

Reddit पर इस कहानी पर चर्चा में मजेदार प्रतिक्रियाएँ आईं। एक यूज़र ने बताया—"ऐसे लोग जब किसी को ढूँढ रहे हों, तो बस इतना कहो—मैं कन्फर्म नहीं कर सकता कि वो यहाँ हैं, लेकिन आप नाम और नंबर दीजिए, अगर वो यहाँ हैं तो बुलवा दूँगा। जो सच में ईमानदार होते हैं, वो मान भी जाते हैं।"

दूसरे ने लिखा, "भाई, हर खेल टीम के साथ ये झंझट है। पहले तो बरदाश्त किया, अब साफ कह देता हूँ—कोई गड़बड़ी नहीं, नहीं तो पुलिस बुला लूँगा।"
एक और कमेंट—"मुझे MSD के बेटे पर तरस आ रहा है। ये बाप तो अपनी अधूरी ख्वाहिशें बच्चे पर लाद रहा है!"
यहाँ तक कि किसी ने मजाक में कहा, "अगर MSD का बेटा सच में टीम में होता, तो उसके पास कोच का नंबर होता, फिर खुद कॉल क्यों नहीं करता?"

कुछ लोगों ने तो MSD की डिब्बा गाड़ी को "इमोशनल सपोर्ट ट्रक" और "मर्दानगी दिखाने वाली गाड़ी" तक कह दिया!
अंत में, पुलिस वाले 'ऑफिसर फ्रेंडली' ने MSD को समझा-बुझा कर रवाना किया—वो भी तब, जब पता चला MSD हर होटल में कोच को ढूँढ रहा था। सोचिए, ये सब सिर्फ अंडर-8 टूर्नामेंट के लिए!

क्या सीखा? खेल में जुनून—ठीक, लेकिन हद से ज्यादा...?

यह कहानी बताती है कि खेल का जुनून बुरा नहीं, लेकिन जब माता-पिता अपनी ख्वाहिशें बच्चों पर थोपते हैं, तो मामला बिगड़ जाता है। होटल वाले भी, चाहे भारत हो या विदेश, ऐसे मेहमानों से खूब जूझते हैं—चाहे वो रिश्वत हो, गुस्सा हो, या खेल की 'राजनीति'।

कई बार होटल स्टाफ को अपनी नौकरी बचाने के लिए नियमों की सख्ती से पालन करना पड़ता है—वरना नतीजे गंभीर हो सकते हैं। और बच्चों को भी चाहिए, कि माता-पिता उन्हें सपोर्ट करें, न कि अपने सपनों का बोझ डालें।

आपकी राय?

क्या आपके साथ भी ऐसा कोई अनुभव हुआ है—खेल टूर्नामेंट, होटल, या फिर किसी जुनूनी माता-पिता से सामना? नीचे कमेंट में जरूर बताइए!
और हाँ, अगली बार जब आप होटल में जाएँ, रिसेप्शनिस्ट की मुश्किलें जरूर याद करिएगा—शायद एक मुस्कान उनकी रात आसान बना दे!


मूल रेडिट पोस्ट: What is it with sports ball tournaments that bring out the craziest people?