केविन की कॉलेज की फीस चुकाने का जुगाड़: ऐसी स्कीम कि सब हैरान!
कॉलेज की पढ़ाई और खर्चे... भाईसाहब, ये तो हर भारतीय छात्र की ज़िंदगी का सबसे बड़ा सिरदर्द होता है! कुछ लोग ट्यूशन पढ़ा कर पैसे कमाते हैं, तो कोई पार्ट-टाइम जॉब कर लेता है। लेकिन अमेरिका के एक कॉलेज में केविन नाम के छात्र ने फीस भरने के लिए जो स्कीम बनाई, उसे सुनकर आप अपना सिर पकड़ लेंगे – और हँसी भी रोक नहीं पाएंगे!
केविन का 'जीनियस' आइडिया: जुगाड़ का भी बाप!
अब हमारे यहाँ तो जुगाड़ शब्द का ही अलग क्रेज है, लेकिन केविन ने तो जुगाड़ के नाम पर सारी हदें पार कर दीं। उसके दिमाग में आया कि क्यों न कॉलेज फीस चुकाने के लिए एक 'शॉर्टकट' अपनाया जाए? अब सोचिए, केविन ने क्या किया – उसने कुछ सेक्स वर्कर्स (जिन्हें बोलचाल की भाषा में 'कॉलगर्ल्स' भी कहते हैं) को कैंपस के अलग-अलग छात्रों के हॉस्टल रूम भेजना शुरू कर दिया। उसके मन में ये ख्याल था कि जब अचानक किसी के रूम पर कोई ऐसी महिला पहुंच जाए तो लड़के डर जाएंगे और 'डोनेशन' या घूस देकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश करेंगे।
यानि उसकी योजना सीधे-सीधे ब्लैकमेलिंग की थी—लोग डरेंगे कि कहीं उनके घरवालों या कॉलेज को ये पता न चल जाए, और ऐसे में केविन को पैसे मिल जाएंगे। अब भाई, ये तो वही बात हुई कि "चोर की दाढ़ी में तिनका", लेकिन यहाँ तो बिना मतलब के लोगों को फंसाने का प्लान था!
हकीकत में क्या हुआ: 'अरे बाबा, ये तो पुलिसवाले हैं!'
अब आप ही सोचिए – हमारे यहाँ भी कॉलेज हॉस्टल में अचानक कोई अनजान शख्स दिख जाए तो वॉर्डन या सिक्योरिटी गार्ड फौरन एक्शन में आ जाते हैं। अमेरिका के उस कॉलेज में भी कुछ ऐसा ही हुआ। वहाँ के कैंपस पुलिस, जो पुराने पुलिसवाले और फौजी थे, उन्हें रात में घूमते अजीब लोग दिखे। पूछताछ करने पर सब पोल खुल गई! पुलिस ने जब केविन को बुलाने की कोशिश की, तो जनाब डर के मारे हॉस्टल की पहली मंजिल की खिड़की से कूदकर भाग गए। अब ये तो वही हुआ कि "भागते भूत की लंगोटी भली!"
इसके बाद केविन पूरे एक महीने तक नदारद रहा। बाद में पता चला कि पड़ोसी राज्य में जनाब पार्क में सोते हुए पकड़े गए और 'ट्रेसपासिंग' (यानी गैरकानूनी घुसपैठ) के मामले में गिरफ्तार हो गए। अब उसके बाद केविन का क्या हुआ, ये तो कोई नहीं जानता।
Reddit कम्युनिटी की चटपटी प्रतिक्रिया
अब Reddit (जो कि एक तरह का ऑनलाइन चौपाल है) पर ये कहानी शेयर हुई तो लोगों ने भी मजेदार कमेंट्स की झड़ी लगा दी। एक सज्जन बोले, "लगता है अब केविन राजनीति में जाएगा!" – जैसे अपने यहाँ कहते हैं, "ऐसे जुगाड़ू लोग तो नेता ही बन सकते हैं।" दूसरे ने लिखा, "ये तो राष्ट्रपति पद के लिए भी खड़ा हो सकता है, बस उम्र पूरी हो जाए!" – अब ये तो वैसा ही है जैसे हमारे यहाँ कोई कहे, "इतनी अकल है तो विधायक बन जा!"
कई लोगों को ये हैरानी हुई कि आखिर केविन को इतनी 'साहसी' महिलाएँ कहाँ से मिल गईं, जो उसकी इस ऊटपटांग योजना में साथ देने को तैयार हो गईं। अपने यहाँ तो ऐसे काम के लिए लोग दस बार सोचते हैं! और तो और, कहानी सुनाने वाले ने भी कमेंट में लिखा, "मुझे तो अब हैरानी नहीं होगी अगर वो राजनीति में घुस गया हो, इतनी बेवकूफी और जिद्द किसी नेता में ही मिलती है।"
एक कमेंट में तो ये तक लिखा गया कि शायद केविन ने नाम बदलकर अमेरिका के कुख्यात नेता की तरह राजनीति शुरू कर दी होगी! यानी, लोग इस कहानी की तुलना अपने देश की राजनीति से करने लगे—क्योंकि वहाँ भी 'उल्टी-सीधी' स्कीमें चलाने वाले खूब मिलते हैं।
संस्कृति और सीख: जुगाड़ बनाम बेवकूफी
हम भारतीय जुगाड़ को अक्सर 'क्रिएटिविटी' मानते हैं, लेकिन हर जुगाड़ सही नहीं होता। केविन की कहानी एक बढ़िया मिसाल है कि जल्दबाजी और गलत रास्ता अपनाने से न तो फीस भरती है, न ही इज्जत बचती है। अगर हमारे यहाँ कोई छात्र ऐसी स्कीम लगाए, तो शायद उसकी खैर नहीं! यहाँ तो हॉस्टल के लड़के मिलकर पहले उसकी धुनाई करते, फिर वॉर्डन और प्राचार्य से अलग क्लास लगती।
असल में, पैसा कमाने के लिए मेहनत, ईमानदारी और समझदारी चाहिए—न कि शॉर्टकट और बेवकूफी। वरना केविन की तरह भागते फिरोगे और फिर सोशल मीडिया पर मज़ाक बन जाओगे।
निष्कर्ष: आपकी क्या राय है?
तो भाइयों-बहनों, आपको क्या लगता है—क्या कभी आपने या आपके किसी दोस्त ने कॉलेज की फीस के लिए कोई अनोखा तरीका अपनाया है? या ऐसे किसी 'केविन' को जानते हैं जो हर बार उल्टी-सीधी स्कीमें बनाता रहता है? नीचे कमेंट में जरूर बताइए! और हाँ, अगर आपको ये कहानी मजेदार लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें—शायद किसी केविन को सही राह दिख जाए!
मूल रेडिट पोस्ट: Kevin comes up with scheme to fund college