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ऑफिस में खाना चुराने वालों के लिए विशेष 'फ्राय ऑयल ब्लॉन्डी' बदला!

फ्राई तेल और मजेदार मिठाइयों के साथ एक हास्यपूर्ण खाद्य प्रैंक का एनीमे-शैली में चित्रण।
2000 के दशक की शुरुआत में Hooter’s में हुए एक चतुर प्रैंक की मजेदार कहानी में डूब जाइए, जिसमें हैं एनीमे-शैली की असाधारण मिठाइयाँ!

क्या आपके ऑफिस के फ्रिज में भी आपका टिफिन गायब हो जाता है? या कभी-कभी आपके लंचबॉक्स से पराठे कम हो जाते हैं? ऑफिस में खाना चोरी होना हमारे यहाँ भी आम बात है। लेकिन सोचिए, अगर कोई खाने का चोर खुद ही मुंह की खाए और सबके सामने अपनी बेइज्जती करवाए, तो मज़ा ही आ जाए! आज की कहानी है एक ऐसे ही मैनेजर की, जिसने अपने खुराफाती दिमाग से खाना चुराने वाली मैनेजर को ऐसा पाठ पढ़ाया कि वो कभी भूल न सके।

ऑफिस के फ्रिज में रोज़ चोरी – आखिर कब तक?

कहानी शुरू होती है अमेरिका के एक बड़े केबल/इंटरनेट कंपनी के ऑफिस से, जहाँ लगभग 300 लोग काम करते थे। हमारे हीरो (रेडिट यूज़र u/AdorableSun563) दूसरी शिफ्ट में काम करते थे, जिसमें सिर्फ 50 लोग होते थे। रोज़ाना रात को उनका टिफिन फ्रिज से गायब हो जाता। आप सोचिए, दिनभर की मेहनत के बाद जब कोई अपना मनपसंद खाना निकालने जाए और खाली डिब्बा मिले, तो गुस्सा भी आएगा और दुख भी।

पहले तो हमारे हीरो ने भी सोचा कि खाने में लैक्सेटिव (मल ढीला करने वाली दवा) डाल दें, जिससे चोर को सबक मिले। लेकिन दोस्तों ने समझाया – "भैया, ये इंडिया नहीं है, यहाँ ऐसे मज़ाक में भी लोग कोर्ट कचहरी पहुंच जाते हैं!" और सच में, कई कमेंट्स में लोगों ने बताया कि अमेरिका में अगर किसी ने खाना चुराया और बीमार पड़ गया, तो उल्टा उसी पर केस कर सकता है जिसने खाना 'फंदा' लगाया था! वहाँ के नियम भी गजब के हैं – चोर को चोट लगे तो मालिक दोषी, वाह भई वाह!

जुगाड़ से बना "फ्राय ऑयल ब्लॉन्डी" – चोर के लिए खास मिठाई

अब बदला लेने का तरीका भी खास होना चाहिए। तभी याद आया – पुराने ज़माने में जब वो Hooters नामक रेस्टोरेंट में मैनेजर थे, तो वहाँ के एक बूढ़े कुक ने बड़ा क्रिएटिव मज़ाक किया था। वो रेस्टोरेंट में चिकन विंग्स तलने के बाद जो जला हुआ आटा (फ्राय ऑयल में बचा हुआ आटा) निकलता, उसे 'ब्लॉन्डी' (ब्राउनी जैसी दिखने वाली मिठाई) की शक्ल दे देते। देखने में तो स्वादिष्ट लगता, लेकिन जो भी चखता, मुँह से फेंक देता!

बस, यही पुराना तरीका अपनाया गया। घर पर किचन में चिकन विंग्स तले, फिर बचा हुआ तला आटा इकट्ठा किया और उसे स्वादिष्ट 'ब्लॉन्डी' बनाकर ऑफिस ले आए। उनका डेस्क किचन के पास था – सबकी नजर उन्हीं के टिफिन पर रहती थी। दो घंटे बाद ही अचानक ऑफिस में हंगामा मच गया – एक सीनियर मैनेजर (जो बाद में पता चला, वही चोर थी) मुँह से 'ब्लॉन्डी' थूकती हुई चिल्ला रही थी – "किसने जहर मिला दिया? मुझे मारने की कोशिश हो रही है!"

चोरी और सीनाजोरी – चोर की भी हद होती है!

यहाँ कमेंट्स में कई लोगों ने लिखा – "वाह! चोरी ऊपर से सीना ज़ोरी!" एक पाठक ने लिखा, "ऐसा कैसे हो सकता है कि जो खुद चोरी कर रही है, वही सबसे ज्यादा हंगामा मचा रही है?" सच तो यही है, अक्सर ऐसे लोग पकड़े जाने पर उल्टा शिकायत कर देते हैं। यहाँ भी वही हुआ – चोर महिला हमारे हीरो के मैनेजर के पास शिकायत लेकर पहुंची।

मैनेजर ने जब पूरी बात सुनी, तो पहले तो गंभीर बने रहे, लेकिन जब असली कहानी सुनी – कि ब्लॉन्डी में सिर्फ तला हुआ आटा था, कोई जहर नहीं – तो खुद भी हँसी रोक नहीं पाए। आखिरकार, चोर मैनेजर को ऑफिस की ओर से चेतावनी दे दी गई, और ऑफिस में सबको बता दिया गया कि किसने क्या किया। इसके बाद वो महिला कुछ महीनों में नौकरी छोड़ गई – और हैरानी की बात, उसके बाद कभी किसी ने हमारे हीरो का खाना नहीं छुआ!

कम्युनिटी के विचार – क्या ये बदला सही था?

रेडिट पर इस कहानी को पढ़ने के बाद, ढेरों लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। किसी ने लिखा, "यही तो असली बदला है – मजेदार, सुरक्षित और असरदार!" एक और ने चुटकी ली – "अगर इंडिया में ऐसा होता, तो अगले दिन पूरी टीम के सामने चोर का जुलूस निकल जाता!" कुछ लोगों ने सलाह दी – "खाने में मिर्च डाल दें, या नाम के आगे 'डायबिटिक स्पेशल' लिख दें, चोर खुद ही डर जाएगा!"

एक पाठक ने तो अपनी दादी की कहानी सुनाई – "हमारी दादी 'पूप स्क्वेयर' नाम से फाइबर वाली मिठाई बनाती थीं, ताकि कब्ज दूर हो। एक बार मेरी बहन ने वो मिठाई चुपके से खा ली, तो पूरा घर ठहाकों से गूंज उठा!"

कुछ लोगों ने गंभीरता से पूछा – "क्या कभी उस चोर महिला ने बताया कि वो क्यों चोरी करती थी?" हमारे हीरो ने जवाब दिया – "नहीं, मैंने कभी उससे बात नहीं की। उसके पास मुझसे अच्छी गाड़ी थी, तो गरीबी तो वजह नहीं थी।"

भारतीय संदर्भ – हमारे दफ्तरों में भी कम नहीं है ये हरकतें

अगर आप भारतीय ऑफिस कल्चर में देखें, तो यहाँ भी फ्रिज में टिफिन गायब होना, या किसी के टिफिन से 'एक रोटी निकाल लो' वाली हरकत कॉमन है। कई लोग तो मजाक में कहते हैं – "ऑफिस का फ्रिज, मोहल्ले की रसोई!"

यहाँ भी कई लोग बदले के तौर पर चटनी में ज्यादा हरी मिर्च, या मिठाई में नमक डाल देते हैं। लेकिन याद रहे, बदला लेते समय सावधानी जरूर बरतें – किसी की सेहत को खतरा न हो, और मसालेदार मजाक सीमित रहे।

निष्कर्ष – चोरी की सजा, चटपटे अंदाज में!

इस कहानी से एक बात तो साफ है – कोई भी अपनी मेहनत की कमाई या खाना चोरी होते देखना पसंद नहीं करता। बदला लेने का तरीका अगर स्मार्ट और बिना नुकसान के हो, तो वो यादगार बन जाता है। तो दोस्तों, अगली बार अगर आपके ऑफिस में भी कोई 'खाना चोर' हो, तो सोच-समझकर, थोड़ा दिमाग लगाकर, और हँसी-मजाक के साथ सबक सिखाएं – ताकि न आपकी सेहत खराब हो, न ऑफिस का माहौल!

आपका क्या अनुभव है? क्या कभी आपको भी ऑफिस में ऐसा कोई मजेदार या अजीब वाकया झेलना पड़ा है? कमेंट में जरूर बताइए, और कहानी पसंद आई हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें – क्या पता आपके ऑफिस का 'खाना चोर' भी पढ़ ले!


मूल रेडिट पोस्ट: Careful on what food you steal!