ऑफिस में कम्प्यूटर की जुगाड़बाज़ी – जब तकनीक ने बना दी हंसी की बात
अगर आपको लगता है कि जुगाड़ सिर्फ हमारे देसी लोगों का पेटेंट है, तो ज़रा एक बार इन विदेशी टेक्निकल सपोर्ट वालों की कहानियां पढ़ लीजिए। ऑफिस, स्कूल या फैक्ट्री – जहां भी कम्प्यूटर लगे हों, वहां जुगाड़ू दिमाग नए-नए तरीके निकाल ही लेता है। चोरी से बचाने के लिए कभी कम्प्यूटर को डेस्क पर पक्के से चिपका दिया जाता है, तो कभी पुराने बॉस की जिद के आगे नई तकनीक को भी पुरानी शक्ल में छुपा दिया जाता है। आइए, आज हम आपको Reddit की चर्चित पोस्ट से ऐसी ही कुछ मज़ेदार और हैरान कर देने वाली कहानियां सुनाते हैं, जिनमें तकनीक, सुरक्षा और जुगाड़ का अनोखा संगम देखने को मिलता है।
जुगाड़ की दुनिया – जब कम्प्यूटर उठा लिया डेस्क ने!
सबसे पहली कहानी Reddit यूज़र u/big_aussie_mike की है, जो 90 के दशक के तकरीबन हर IT इंजीनियर के लिए एक पहचान सी बन गई है। उन्होंने एक स्कूल में सर्विसिंग के लिए गए थे। कम्प्यूटर की हालत खराब थी, तो सोचा कि ज़रा उसे टेबल से हटाकर आराम से खोलते हैं। मगर कम्प्यूटर टस से मस नहीं हो रहा! ऊपर से भारी-भरकम CRT मॉनिटर भी रखा था। जब ढक्कन उठाया तो नीचे से सिक्योरिटी बोल्ट की टोपी दिखी। असल में, डेस्क बनाने वालों ने कम्प्यूटर को डेस्क से जोड़ने के लिए नीचे लोहे की प्लेट फिट कर दी थी, और दो बोल्ट नीचे से – एक तो मदरबोर्ड के नीचे! मतलब, पहले पुराना इंस्टॉलर मदरबोर्ड खोलता, छेद करता, फिर बोल्ट कसता, फिर से सब कुछ जोड़ता। चोरी रोकने के नाम पर ये सब – हमारे यहां तो शायद स्कूल वाले CCTV या चौकीदार रखते, मगर यहां तो कम्प्यूटर ही डेस्क का स्थायी सदस्य बना दिया गया!
पुरानी आदतें और नई तकनीक – ‘8086’ का कमाल
एक और कमेंट करने वाले u/fuknthrowaway1 ने अपनी कंपनी की कहानी बताई, जो किसी पुराने सरकारी दफ्तर जैसा ही लगती है। उनका एक सीनियर अफसर था, जिसे बदलाव बिल्कुल पसंद नहीं था। उसकी पुरानी AT&T 6300 मशीन (जिसका जमाना ही बीत गया था) को चुपचाप हर बार अपग्रेड कर दिया जाता, मगर बाहर से वही पुराना डिब्बा रहता। अंदर से Pentium II तक डाल दिया, मगर बॉस को यही लगता रहा – "मेरी वही प्यारी पुरानी मशीन है"। एक दूसरे यूज़र ने मजाकिया अंदाज़ में लिखा – "इस तरह की जुगलबंदी से कभी कुछ गलत नहीं होता!" सोचिए, भारत में किसी अफसर की डेस्क बदल दो तो क्या हंगामा मचता है, और यहां तो बॉस को पुराने प्यार से चिपकाए रखने के लिए पूरा आईटी डिपार्टमेंट नाटक करता रहा।
सुरक्षा या परेशानी? – तालों, बोल्टों और कबाड़ की दास्तान
ऑफिस और स्कूल में चोरी से बचने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते! एक यूज़र ने शेयर किया कि उनके यहां कम्प्यूटरों को जंजीरों से डेस्क से बांधा जाता था। कोई कंप्यूटर इधर-उधर करने की सोचे भी तो HW सपोर्ट टीम ही आकर ताले खोले। और अगर किसी को बस डेस्क के दूसरी तरफ कंप्यूटर रखना है, तो बाकायदा टिकट डालना पड़ता था! यही नहीं, केबल लॉक, सुपर-टेप, और मॉनिटर तक को टेबल से चिपका देने की कहानियां भी खूब हैं। एक बार तो किसी ने की-बोर्ड, हार्डड्राइव और मदरबोर्ड में ही छेद कर डेस्क से चस्पा कर दिया – अब कोई चोरी नहीं कर सकता भई!
हमारे यहां तो बच्चे ताले की चाबी खो दें तो मम्मी-पापा डांट देते हैं, लेकिन यहां तो बोर्ड के लड़के लोग लॉकपिकिंग के शौकीन निकल आते हैं – कमेंट्स में किसी ने लिखा, "केन्सिंगटन लॉक? अरे, प्लास्टिक की पेन का टुकड़ा ही काफी है!"
जुगाड़ के शिकार – जब टेक्नोलॉजी खुद हार मान जाए
एक और मजेदार किस्सा – किसी ऑफिस में कम्प्यूटर की आवाज़ से परेशान होकर एक महिला ने घर से रूई ले आकर CPU के अंदर भर दी। नतीजा? मशीन ओवरहीट होकर बंद! किसी और ने कम्प्यूटर को कम्बल में लपेट दिया – भाई, कंप्यूटर है, बच्चा नहीं कि सर्दी लग जाएगी! और फैक्ट्री की बात करें, तो किसी ने पिर कंप्यूटर का मदरबोर्ड फिट करने में परेशानी आई, तो पीसीबी में ही नया छेद कर दिया – वो भी ट्रेस के ऊपर! नतीजा, सारी लाइनें शॉर्ट हो गईं और सारा प्रोजेक्ट चौपट।
देसी जुगाड़ बनाम विदेशी जुगाड़ – फर्क बस सोच का!
अगर आपको अभी भी लगता है कि जुगाड़ सिर्फ हमारे देश की देन है, तो इन कहानियों को पढ़कर मान जाएंगे – जहां भी इंसान है, वहां जुगाड़ है! फर्क बस इतना है कि वहां लोग चोरी रोकने के लिए बोल्ट कसते हैं, और यहां हम ताले की चाबी तक खो देते हैं। वहां बॉस की जिद के लिए पूरा सिस्टम पुरानी शक्ल में छुपा दिया जाता है, यहां हम सरकारी बाबुओं की फाइलों में ही उलझ जाते हैं।
अंत में Reddit की इन कहानियों से यही सीख मिलती है – टेक्नोलॉजी चाहे जितनी आगे बढ़ जाए, इंसान की जुगाड़ू सोच हमेशा एक कदम आगे रहेगी!
निष्कर्ष – आपके ऑफिस या स्कूल में सबसे मजेदार जुगाड़ कौन-सा हुआ?
तो साथियों, आपके ऑफिस, स्कूल या मोहल्ले में ऐसा कौन-सा अजीब या मजेदार जुगाड़ हुआ है, जिसे याद करते ही हंसी आ जाती है? नीचे कमेंट में जरूर बताइएगा, और अगर आपके पास भी कोई देसी या विदेशी जुगाड़ की कहानी हो, तो हम सब सुनना चाहेंगे!
और हां – अगली बार जब कोई कंप्यूटर टेबल से हिल न रहा हो, तो समझ जाइए – कहीं न कहीं कोई जुगाड़ू दिमाग काम कर गया है!
मूल रेडिट पोस्ट: Wildest mods in a commercial environment...