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ऑफिस के व्हाइट एलिफेंट गिफ्ट एक्सचेंज की अनोखी बदला कहानी: जब सैंटा बना शैतान!

विविध कर्मचारियों के साथ उत्सव के माहौल में ऑफिस सफेद हाथी उपहार विनिमय का दृश्य।
इस जीवंत चित्रण में, कर्मचारी वार्षिक सफेद हाथी उपहार विनिमय के लिए उत्सव के माहौल में इकट्ठा होते हैं, जहाँ भागीदारी के अनकहे नियमों के बीच उत्साह और चिंता का मिश्रण दिखाई देता है।

ऑफिस की पार्टियों में मज़ा तो आता है, लेकिन जब बात आती है गिफ्ट एक्सचेंज या टीम-बिल्डिंग जैसी 'आवश्यक' गतिविधियों की, तो कई लोगों का दिल बैठ जाता है। सोचिए, हर साल आपको एक ऐसा तोहफा देना है, जिसमें कोई दिलचस्पी ही नहीं है, और वो भी सबकी निगाहों के सामने! ऐसे में एक कर्मचारी ने कुछ ऐसा किया कि पूरी ऑफिस पार्टी का रंग ही बदल गया।

हर साल की तरह इस बार भी उनके ऑफिस में 'व्हाइट एलिफेंट गिफ्ट एक्सचेंज' का आयोजन हुआ। नाम भले ही 'स्वैच्छिक' हो, लेकिन दफ्तर वालों की उम्मीदें साफ थीं—"सब भाग लें, तभी टीम बनेगी!" पर हमारे नायक को ये सब बर्दाश्त नहीं था। उन्हें ऐसे जबरन के मिलन-मुलाकात के खेल बिल्कुल पसंद नहीं। मगर इस बार उन्होंने जो किया, उसने सबको हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया।

व्हाइट एलिफेंट: पश्चिमी दुनिया की गिफ्टबाज़ी और हमारी ऑफिस कल्चर

हमारे देश में तो दीवाली या होली पर गिफ्ट देने का चलन है—मिठाई के डिब्बे, सूखे मेवे या फिर वो चिर-परिचित टिफिन का सेट। लेकिन पश्चिमी देशों में 'व्हाइट एलिफेंट' गिफ्ट एक्सचेंज एक अलग ही खेल है। इसमें हर कोई कोई भी गिफ्ट लाता है, और फिर नंबर के हिसाब से लोग बारी-बारी से गिफ्ट उठाते हैं—कभी-कभी किसी का गिफ्ट कोई और 'चुरा' भी सकता है! मज़ाक-मज़ाक में कौन सा गिफ्ट किसे मिलेगा, कुछ पता नहीं।

अब सोचिए, अगर आपकी मम्मी के बनाए आचार की जगह किसी ने आपको पुराने जूते या अजीब सी किताब पकड़ा दी हो, तो कैसा लगेगा? यही कश्मकश पश्चिमी दफ्तरों में भी चलती है!

सैंटा या शैतान? जब तोहफा बना सबके लिए मसखरी

हमारे हीरो ने अपने रूममेट के साथ मिलकर इस पूरे मिशन का नाम रखा—"सैंटा या शैतान?" अब तक वे हर साल एक 'अच्छा' तोहफा देते थे, ताकि शक न हो, और साथ में एक ऐसा गुप्त 'बुरा' गिफ्ट भी डालते, जो पार्टी का माहौल ही बदल दे।

इस साल अच्छे गिफ्ट के नाम पर उन्होंने अपने इलाके की मशहूर कॉफी शॉप का २५ डॉलर का गिफ्ट कार्ड दिया। लेकिन असली धमाका था, उनका 'बुरा' गिफ्ट—एक पुरानी दुकान से खरीदी गई Babe नाम की फिल्म की DVD और साथ में एक शीशी अचार में डूबे हुए सुअर के पैर!

पार्टी में जैसे ही ये गिफ्ट खुला, माहौल में हलचल मच गई। कुछ लोग ठहाके मारने लगे, तो कुछ के चेहरे पर घिन साफ़ दिख रही थी। किसी ने तो चुटकी ली, "अरे, अगर HR से मेल नहीं आई, तो लगता है इस बार कमज़ोर पड़ गए!" वहीं एक और सहकर्मी बोला, "अगले साल कुछ और जबर्दस्त ट्राय करिए, शायद HR तक बात पहुंच ही जाए!"

कमेंट्स में छुपी ऑफिस संस्कृति की परछाईं

रेडिट पर इस किस्से ने खूब धूम मचाई। एक पाठक ने मज़ाक में लिखा—"मेरे पास सालों पुराना सलाद शूटर है, अगली बार ले जाइए!" किसी ने यह भी बताया कि उनके ऑफिस में किसी ने शौचालय की सीट, विदेशी सिक्के, और दूर-दराज के स्पा का गिफ्ट कार्ड पकड़ा दिया था।

एक टीचर ने लिखा, "मैंने ट्रम्प टॉयलेट पेपर दिया था, और इतिहास के टीचर्स में छीना-झपटी हो गई!" किसी ने तो मज़ाक में सुझाव दिया, "कंपनी के नाम पर तारे का सर्टिफिकेट दे दो, या 'रेजिग्नेशन लेटर' वाला फनी नोटबुक!"

यहां तक कि एक पाठक ने कहा, "मेरे पापा तो अचार वाले सुअर के पैर बड़े मज़े से खाते और फिल्म भी चाव से देखते!" तो दूसरे ने कहा, "मेरे यहां तो कोई इसे पीनट बटर, मेयो और मार्शमेलो के साथ सैंडविच में डाल देता!"

ऑफिस का असली रंग, गिफ्ट की आड़ में

यह कहानी बताती है कि ऑफिस में 'मिलनसार' होने की आड़ में कितना कुछ बनावटी होता है। कई बार लोग सिर्फ इसलिए हंसते हैं, क्योंकि माहौल ऐसा है। लेकिन ऐसे 'शरारती' तोहफे ऑफिस की बोरियत में तड़का लगा देते हैं। असल में, हमारे देश के ऑफिसों में भी अब ऐसे एक्सचेंज होने लगे हैं—कोई 'बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट' तोहफा लाता है, तो कोई हंसी-ठिठोली के लिए नकली बाल्टी या पुराने कैलेंडर दे देता है।

कई बार ये गिफ्ट्स ऑफिस के डंडे से बचने का तरीका बन जाते हैं, जैसे एक पाठक ने लिखा, "इस साल तो मैं फ्लू का बहाना बना कर पार्टी से बच गया!" और वहीं कुछ लोग मानते हैं कि ऐसे गिफ्ट्स टीम के बीच हंसी-मज़ाक और नई यादें बना जाते हैं।

निष्कर्ष: आपका ऑफिस, आपकी शरारत!

तो अगली बार जब आपके ऑफिस में व्हाइट एलिफेंट या कोई गिफ्ट एक्सचेंज हो, तो याद रखिए—हर गिफ्ट में छुपा होता है थोड़ा-सा सैंटा और थोड़ा-सा शैतान! आप भी अपनी रचनात्मकता और मज़ाकिया अंदाज़ का इस्तेमाल करें, लेकिन ध्यान रहे, हद पार न हो। आखिरकार, ऑफिस में हंसी-मज़ाक के साथ-साथ सम्मान भी जरूरी है।

क्या आपके ऑफिस में भी कभी किसी ने ऐसा मज़ेदार या अजीब गिफ्ट दिया है? नीचे कमेंट में अपनी कहानी ज़रूर साझा करें—शायद अगली पोस्ट में आपकी दास्तान छप जाए!


मूल रेडिट पोस्ट: The Office White Elephant Gift Exchange Should Not be Mandatory: Update