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ऑफिस केविन की करतूतें: जब गत्ते का डिब्बा बना ऑफिस ड्रामा का कारण

कार्यालय सामग्री के डिब्बों के बीच स्कैनर का उपयोग करते हुए केविन की 3डी कार्टून चित्रण।
इस जीवंत कार्टून-3डी दृश्य में, केविन एक व्यस्त कार्यक्षेत्र की चुनौतियों का सामना कर रहा है, स्कैनिंग की कला में माहिर होते हुए। केविन की कहानी के भाग 2 में हमारे साथ जुड़ें, जहाँ वह कार्यालय में नई रोमांचक चुनौतियों का सामना करता है!

ऑफिस की दुनिया में हर किसी को कभी न कभी एक ऐसा साथी ज़रूर मिलता है, जिसकी हरकतें बाकी सबको हैरान-परेशान कर देती हैं। हमारे यहाँ तो हम ऐसे लोगों को 'किंग ऑफ कंफ्यूजन' या 'अल्टीमेट भोलेनाथ' कह देते हैं। Reddit के r/StoriesAboutKevin पर एक ऐसी ही कहानी वायरल हो रही है, जिसमें 'केविन' नाम के एक क़िरदार ने ऑफिस को एकदम हंसी का अखाड़ा बना दिया। अगर आप भी ऑफिस की बोरियत के बीच कोई मसालेदार किस्सा सुनना चाहते हैं, तो ये कहानी आपके लिए है!

ऑफिस केविन: ट्रैनिंग में ही पसीने छूट गए

तो जनाब, कहानी शुरू होती है एक साधारण ऑफिस से, जहाँ रोज़ाना की तरह डिलीवरी के गत्ते के डिब्बे आते हैं। अंग्रेज़ी ऑफिसों की तरह यहाँ भी पुराने डिब्बे काट कर एक बड़े डिब्बे में डालकर बेसमेंट में रखना होता है। लेकिन इस बार नई चुनौती थी - हमारे प्यारे केविन को ये सिखाना! अब आम तौर पर कोई भी इंसान एक-दो दिन में स्कैनर चलाना सीख जाता है, पर केविन साहब को हफ्ता लग गया। खैर, जैसे-तैसे वो सीख गए, तो सबने राहत की सांस ली।

गत्ते के डिब्बे और बेसमेंट का किस्सा

एक दिन केविन और उनके साथी ऑफिस में गत्ते काट रहे थे। साथी ने केविन से कहा, "चलो, अब इन डिब्बों को बेसमेंट में ले चलो।" साथी आगे-आगे, केविन पीछे-पीछे। साथी ने अपने डिब्बे रखे, केविन भी अपने डिब्बे लेकर आ गए। साथी चाबी लेने ऑफिस चला गया और लौटकर दरवाज़ा खोला: "ठीक है, अब मेरे पीछे आओ।"

अब यहाँ से असली ड्रामा शुरू होता है। जैसे ही साथी नीचे सीढ़ियों से उतरने लगे, दरवाज़ा अपने आप बंद हो गया। साथी ने सोचा, "शायद केविन डिब्बे लिए हैं, इसलिए दरवाज़ा नहीं खोल पा रहे होंगे।" वे ऊपर लौटे, लेकिन वहाँ केविन थे ही नहीं! पूरे ऑफिस में ढूँढा, कोई अता-पता नहीं। आखिरकार, जब वर्कशॉप मैनेजर ने गुस्से में आकर पूछा, "तुमने केविन को मेरे वर्कशॉप में गत्ते के डिब्बे फेंकने को क्यों कहा?" तो साथी भी हैरान रह गए।

केविन की 'फॉलो मी' वाली गड़बड़

अब यहाँ Reddit के एक कमेंट का ज़िक्र करना ज़रूरी है, जिसने सबका ध्यान खींचा। एक यूज़र ने लिखा, "असल दिक्कत यह थी कि जब तुम सीढ़ियों में उतर गए, तो केविन को कोई दिख ही नहीं रहा था। बेचारे को समझ ही नहीं आया कि अब क्या करें, तो वो किसी और को ढूँढने निकल पड़े।" यह बात भारतीय दफ़्तरों में भी खूब होती है – जब बॉस या सीनियर सही गाइडेंस न दें, तो नया बंदा उल्टी दिशा में ही भाग जाता है!

इस पूरी गड़बड़ी पर वर्कशॉप मैनेजर का रिएक्शन भी कुछ कम मज़ेदार नहीं था। उन्होंने सीधा पूछा, "क्यों केविन को मेरे वर्कशॉप में डिब्बे फेंकने भेजा?" अब बेचारे साथी ने सफाई दी, "मैंने तो बस कहा था मेरे पीछे आओ, बाकी केविन खुद ही अपना रास्ता बना लिए।" सुनते ही मैनेजर बोले, "कोई बात नहीं, मैं देख लूंगा," और बड़बड़ाते हुए बॉस के ऑफिस की तरफ़ बढ़ गए। Reddit पर एक कमेंट में किसी ने लिखा, "बस, केविन से तीन कदम भी फॉलो नहीं करवा सकते!"

ऑफिस केविन: हर दफ़्तर का अनोखा नमूना

हर ऑफिस में ऐसा एक बंदा ज़रूर होता है, जो कहने को तो काम सीखने आया है, लेकिन हर छोटी-छोटी बात में गड़बड़ कर देता है। हमारे यहाँ तो ऐसे लोगों को 'भूल भुलैया के शहंशाह' या 'कन्फ्यूज़न के महारथी' कहते हैं। Reddit की कम्युनिटी ने भी केविन की इन हरकतों पर जमकर मज़े लिए। किसी ने लिखा, "क्या केविन को ढूंढते वक्त तुमने उसका असली नाम पुकारा या कोई और नाम?" तो किसी ने केविन की मासूमियत पर हँसी उड़ाई।

एक और कमेंट में किसी ने लिखा, "मुझे तो केविन की ये कहानियां बहुत पसंद आ रही हैं", और सच कहें तो ऐसे प्यारे-भोले और गड़बड़ करने वाले लोग ऑफिस को रंगीन बना देते हैं। अगर आपके ऑफिस में भी कोई केविन है, तो बताइएगा, उसकी कौन-सी हरकत आपको सबसे ज़्यादा याद आती है?

निष्कर्ष: अपने-अपने 'केविन' को संभाल कर रखें

कहानी से साफ है कि ऑफिस में काम से ज्यादा कभी-कभी लोगों की हरकतें ही याद रह जाती हैं। केविन जैसे लोग भले ही दिमाग़ के तेज़ न हों, पर उनके कारण दफ़्तर में हँसी-ठिठोली और गपशप का मसाला हमेशा बना रहता है। वैसे ही, Reddit पर भी ऐसे किस्सों की भरमार है, जो ऑफिस की रोज़मर्रा की बोरियत को दूर कर देते हैं।

आपके ऑफिस में भी कोई 'केविन' है? उसकी सबसे मज़ेदार हरकत क्या थी? नीचे कमेंट में ज़रूर शेयर करें, ताकि सब मिलकर हँसी के इस कारवां को आगे बढ़ाएँ!


मूल रेडिट पोस्ट: A Former Work Kevin Part 2 (Week 2)