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एयरपोर्ट पर चोरी हुए एयरपॉड्स और मालिक की मजेदार बदला कहानी

ह्यूस्टन में एक उड़ान के बाद खोए हुए एयरपॉड्स की तलाश करते एक यात्री का एनीमे चित्रण।
इस जीवंत एनीमे दृश्य में, हमारा यात्री ह्यूस्टन में लेओवर के बाद अपने खोए हुए एयरपॉड्स के लिए फुरती से खोज कर रहा है। व्यस्त हवाई अड्डे का दृश्य इस पल की तात्कालिकता को दर्शाता है, खोई हुई वस्तु को पाने की निराशा और आशा को कैद करता है।

कभी-कभी छोटी-छोटी शरारतें जिंदगी में बड़े मज़ेदार मोड़ ला देती हैं। सोचिए, अगर आपकी कोई कीमती चीज़ कोई चुपचाप लेकर चला जाए, और आपको उसका सुराग भी मिल जाए, तो आप क्या करेंगे? आज की कहानी अमेरिका के ह्यूस्टन एयरपोर्ट से शुरू होती है, जहाँ एक मुसाफिर के एयरपॉड्स चोरी हो गए। लेकिन यहाँ मामला सिर्फ चोरी का नहीं था, बल्कि बदले का भी था – वो भी ऐसा कि चोर के कानों में घंटियां बज गईं!

हवाई यात्रा और एयरपॉड्स की गुमशुदगी: कहानी की शुरुआत

हमारे नायक (Reddit यूज़र u/jadewildaz) ने छह महीने पहले ह्यूस्टन एयरपोर्ट पर ट्रांजिट के दौरान अपने एयरपॉड्स खो दिए। जैसे ही उन्हें एहसास हुआ कि जेब से एयरपॉड्स गिर गए हैं, उन्होंने United Airlines के पास Lost & Found में शिकायत दर्ज कर दी – केस का रंग, फ्लाइट नंबर, सीट नंबर, सब कुछ बताया। साथ ही, "Find My" ऐप में उन्हें Lost Mode पर डालकर अपना नंबर भी जोड़ दिया।

अब यहाँ कोई आम भारतीय सोचता, "भैया, अब तो भगवान भरोसे!" लेकिन जनाब ने हार नहीं मानी। अमेरिका में Apple के "Find My" ऐप जैसी सुविधा है, जिससे आप अपने डिवाइस की लोकेशन लाइव देख सकते हैं। हमारे नायक ने देखा कि एयरपॉड्स प्लेन से निकलकर United के ऑफिस तक गए, फिर एक कर्मचारी के घर तक पहुँच गए। उन्होंने United को घर का पता, कर्मचारी की शिफ्ट, सब कुछ बता दिया। अब इतने सबूत देखकर कोई सोचे, एयरलाइन कार्रवाई करेगी – परन्तु, United ने हाथ खड़े कर दिए: "अब एयरपॉड्स एयरपोर्ट से बाहर चले गए हैं, पुलिस में रिपोर्ट करिए।" और मामला वही खत्म!

बदला – "Find My" ऐप से चोर के कानों में बैंड बजा डाला!

यहाँ से असली भारतीय जुगाड़ शुरू होती है। हमारे नायक ने चुपचाप बदला लेने की ठान ली। अब जिनके पास Apple के डिवाइसेज हैं, वे जानते होंगे – "Find My" ऐप से डिवाइस में ज़ोरदार आवाज़ बजाई जा सकती है। जब भी चोर ने एयरपॉड्स कान में डाले, साहब ने अपने मोबाइल से "Play Sound" दबाया – और कान के परदे हिल गए! जैसे ही तेज़ आवाज़ बजती, चोर घबरा कर एयरपॉड्स केस में वापस डाल देता।

इस पर Reddit पर लोगों की हंसी नहीं रुकी। एक यूज़र ने लिखा, "Apple को एक नया फीचर लाना चाहिए – जब डिवाइस चोरी हो, तो उसमें इतनी तेज़ आवाज़ बजे कि चोर को बहरा कर दे!" किसी ने तो मज़ाक में कहा, "इतनी तेज़ आवाज़ हो कि डिवाइस खुद चिल्लाए – 'मैं चोरी हो गया हूँ, मैं चोरी हो गया हूँ!'"

जनता की प्रतिक्रियाएँ: मज़ेदार किस्से और सलाह

इस कहानी ने Reddit पर लोगों के दिल जीत लिए। कईयों ने अपनी-अपनी गुम हुई चीज़ों की कहानियाँ सुनाईं:

  • एक यूज़र ने बताया कि उनके दोस्त ने भी ऐसे ही एयरपॉड्स गुम किए थे। सोशल मीडिया पर थोड़ी खोजबीन कर चोर का नाम-पता ढूँढ निकाला और उसे कंपनी में शिकायत की धमकी दी। कुछ ही दिन में एयरपॉड्स डाक से वापस आ गए!
  • किसी ने कहा, "भैया, ऐसे चोरों को घर का पता मत दीजिए, कहीं उल्टा न पड़ जाए।" जवाब में सुझाव आया – "PO Box खुलवाइए, वहीं मंगवा लीजिए।"
  • एक मजाकिया कमेंट था – "अगर मेरे कान में इतनी तेज़ आवाज़ बजती, तो मैं खुद ही एयरपॉड्स मालिक तक पहुँचा देता!"
  • किसी ने Apple से गुजारिश की – "ऐसा फीचर लाओ कि डिवाइस बार-बार 'मैं चोरी हो गया हूँ' बोले, सबको पता चल जाए।"
  • एक सज्जन ने सलाह दी, "कंपनी के बड़े अफसरों तक शिकायत पहुँचाओ, FAA (अमेरिका की DGCA) में कंप्लेन डालो, तब एयरलाइन की नींद खुलेगी।"
  • भारत की तरह अमेरिका में भी पुलिस में शिकायत करना आसान नहीं, कईयों ने बताया कि पुलिस और कंपनी दोनों एक-दूसरे के पाले में गेंद डालते हैं।

क्या सच में गुमशुदा चीज़ें वापस मिलती हैं?

बहुतों ने बताया कि "Find My" जैसी टेक्नोलॉजी से चीज़ें वापस तो मिल सकती हैं, लेकिन कभी-कभी मामला उल्टा भी पड़ सकता है। एक महिला ने तो गुम हुए फोन को ट्रैक करते-करते चोर के घर पहुँच गईं – और वहां जाकर डांटकर फोन वापस लिया! किसी-किसी को पुलिस ने भी मना कर दिया, तो किसी ने धमकी भरी चिट्ठी भेजकर अपना सामान वापस पाया।

कई भारतीय पाठक सोच सकते हैं – "हमारे यहाँ भी तो मोबाइल ट्रैकिंग होती है, पर पुलिस में शिकायत करने जाओ तो कहते हैं – 'कंपनी में शिकायत करो', और कंपनी वाले कहते हैं – 'पुलिस में जाइए'।" बिलकुल वही हाल विदेशों में भी दिखा।

कुछ ने लिखा – "चोरी हुए एयरपॉड्स पहनना किसी के अंडरवियर पहनने जैसा है, कितना अजीब लगता होगा!" और सच पूछिए तो, हम भारतीयों में भी कई लोग आज भी वायर वाले हेडफोन पसंद करते हैं – "ना चार्ज करना, ना खोने का डर!"

निष्कर्ष – बदला भी, सिख भी!

इस पूरी घटना से एक बात तो साफ है – टेक्नोलॉजी के इस ज़माने में चोरी करना इतना आसान नहीं, और बदला लेना तो और भी मज़ेदार हो सकता है! कभी-कभी छोटी-छोटी शरारतें (petty revenge) चोर को ऐसा सबक सिखाती हैं कि वो जिंदगी भर भूल नहीं सकता।

क्या आपके साथ भी कभी ऐसा कुछ हुआ है? कोई चीज़ खो गई हो या चोरी हो गई हो? क्या आपने भी "जुगाड़" से अपना सामान वापस पाया है? कमेंट में जरूर बताइए! और हाँ, अगली बार एयरपोर्ट या बस में अपना सामान अच्छे से संभालकर रखिए… कौन जाने, अगला किस्सा आपका ही हो!


मूल रेडिट पोस्ट: The airplane cleaner stole my AirPods.