इंस्टाग्राम के 'इंसेल' को मिला करारा जवाब: छोटी सी बदला, बड़ी सीख!
आजकल सोशल मीडिया पर क्या-क्या देखने को नहीं मिलता! कभी-कभी तो लगता है जैसे ये प्लेटफ़ॉर्म्स सिर्फ़ बहस और नफरत फैलाने वालों की मंडी बन गए हैं। आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिसमें एक महिला ने इंस्टाग्राम पर महिला-विरोधी सोच रखने वाले 'इंसेल' को इतना मजेदार और सूझबूझ भरा जवाब दिया कि हर कोई कह उठा—वाह! यही है असली बदला।
सोचिए, आपके सामने कोई ऐसा कमेंट कर दे जिससे खून खौल जाए, और आप उसे नजरअंदाज न कर के जवाब देने की ठान लें। यही किया हमारे कहानी की नायिका ने।
'इंसेल' कौन? और ये किस्सा शुरू कैसे हुआ?
पहले तो 'इंसेल' शब्द का थोड़ा सा परिचय—यह शब्द पश्चिमी देशों में बहुत चर्चा में है, जिसका मतलब होता है 'involuntarily celibate', यानी वह पुरुष जो महिलाओं के प्रति तिरस्कार और नफरत लिए घूमते हैं, क्योंकि उन्हें प्रेम या संबंध नहीं मिलते। भारत में ऐसे लोगों को हम 'महिला-द्वेषी' या 'औरतों से चिढ़ने वाले' कह सकते हैं। सोशल मीडिया पर इनकी संख्या कम नहीं।
अब कहानी पर लौटते हैं—हमारी नायिका को उसकी दोस्त ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो भेजा, जिसमें एक गर्भवती महिला और उसका पति थे। नायिका ने वीडियो कम और उसके नीचे के कमेंट्स ज़्यादा पढ़े, तो देखा कि सबसे ऊपर एक 'इंसेल' महाशय का कमेंट था—"औरतों का काम ही बच्चे पैदा करना है, इतनी शिकायत क्यों?" और मर्दानगी का झंडा लहराते हुए उन्होंने महिलाओं की परेशानियों को ही नकार दिया!
छोटी सी 'पेटी रिवेंज', बड़ा असर
अब भैया, नायिका ने भी सोचा—"सिर्फ कमेंट करके क्या होगा?" फिर तो उन्होंने वो किया, जो आमतौर पर कम ही लोग करते हैं—उस 'इंसेल' के जितने भी महिला फॉलोअर्स थे, उन्हें अलग-अलग मैसेज भेजकर आगाह कर दिया—"बहन, ये बंदा बड़ा अजीब है, इसे फॉलो करने से बचना चाहिए।"
यहां एक कमेंट करने वाले ने बड़े मज़ेदार ढंग से कहा, "अब उसके फॉलोअर्स की गिनती देखना, जरूर कम होगी!" लेकिन जब देखा गया, तो 'इंसेल' महाशय के फॉलोअर्स थे ही कुल पाँच! कुछ लोगों ने हँसी में कह दिया—"ये तो कोई बॉट अकाउंट लगता है; असली लोग तो इत्ते कम नहीं होते!"
सोशल मीडिया की दुनिया में 'पेटी रिवेंज' का असर
आप सोचेंगे, इतनी छोटी सी बात में क्या बदला? लेकिन असल में यह छोटी-छोटी कोशिशें ही बड़ी लहर पैदा कर सकती हैं। दो महिलाओं ने तो जवाब भी दिया—"बहुत-बहुत धन्यवाद बहन, हमने उसे ब्लॉक कर दिया है!"
कुछ लोगों ने सलाह दी—"अगर उसके असली साथी या ऑफिस की महिला सहकर्मी होतीं, तो स्क्रीनशॉट भेजकर और जोरदार सबक सिखाया जा सकता था!" लेकिन असल में यह अकाउंट ही 'बरनर' यानी नकली या छिपा हुआ था, जिस पर न तो ढंग के फॉलोअर्स थे, न ही असली पहचान।
यही नहीं, एक और यूज़र ने बड़ी सच्चाई कही—"इन महिलाओं को पहले से पता होता है कि उनके फॉलोअर्स में ऐसे लोग होते हैं, लेकिन किसी ने ध्यान दिलाया, तो अच्छा ही हुआ।"
कुछ ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा—"इस बंदे की शादी हुई भी है क्या? लगता है, उसकी दायीं हथेली ने भी उसे ब्लॉक कर दिया होगा!"
समाज के लिए सीख: आवाज़ उठाओ, फर्क जरूर पड़ता है
इस छोटी सी घटना में बहुत बड़ी सीख छुपी है। कई बार हम सोचते हैं कि इतनी बड़ी दुनिया में हमारी छोटी सी कोशिश का क्या असर होगा? पर सच यही है—एक चिंगारी से ही तो आग लगती है। चाहे सोशल मीडिया हो या हमारे आस-पास, गलत सोच और महिला-विरोधी मानसिकता का विरोध करना जरूरी है।
अगर हर कोई ऐसे ही छोटी-छोटी हरकतों का जवाब देने लगे, तो 'इंसेल' जैसे लोगों को भी समझ आ जाएगा कि इंटरनेट पर भी कोई उनकी सोच को चुपचाप सहन नहीं करेगा।
अंत में—आप क्या सोचते हैं?
तो दोस्तों, आपके हिसाब से ऐसे 'इंसेल' या महिला-विरोधी लोगों को जवाब देना चाहिए या अनदेखा करना ही बेहतर है? क्या आपने कभी किसी को ऐसे झाड़ लगाई है? या कभी खुद ऐसी 'पेटी रिवेंज' ली है?
अपने अनुभव, राय और सुझाव नीचे कमेंट में जरूर बताइए। हो सकता है, आपकी कहानी किसी और को भी आवाज़ उठाने की हिम्मत दे दे!
आइए, मिलकर सोशल मीडिया को थोड़ा और बेहतर, थोड़ा और सुरक्षित बनाएं—छोटी-छोटी कोशिशों से ही सही, पर बदलाव तो शुरू हो!
मूल रेडिट पोस्ट: Instagram incel learns today