अभिमानी eBay विक्रेता को मिली उसकी असली औकात – ऑनलाइन बदला जिसने इंटरनेट जीत लिया
कभी-कभी ज़िंदगी में ऐसा पल आता है जब कोई हमें यूँ ही नीचा दिखा देता है – और फिर वही पल हमारे अंदर छुपे 'शेर' को जगा देता है! ऑनलाइन खरीद-फरोख्त के इस दौर में, ग्राहक और दुकानदार की कहानियाँ आम हैं, लेकिन आज की कहानी में जीत न केवल ग्राहक की है, बल्कि पूरे सिस्टम की भी है।
तो चलिए सुनते हैं, कैसे एक घमंडी eBay (ऑनलाइन बाज़ार) विक्रेता को उसी के खेल में धूल चटाई गई – और वो भी ऐसे कि इंटरनेट दंग रह गया!
जब सवाल पूछना बना "गुनाह": शिष्टता का मिला मज़ाक
हमारे कहानी के नायक, एक अनुभवी ऑनलाइन विक्रेता हैं। वो अकसर थोक में चीज़ें खरीदकर, फायदे के लिए बेचते हैं। एक दिन उन्हें eBay पर स्कूल की संपत्ति वाले कई TI-Nspire कैलकुलेटर बिकाऊ दिखे – लेकिन उन पर लिखा था "सिर्फ पार्ट्स के लिए – चालू तो होते हैं, पर अतिरिक्त उपकरण चाहिए।"
अब हमारे देश में भी, जब पुरानी चीज़ें ऑनलाइन बिकती हैं, तो लोग अकसर "काम करता है या नहीं?" जैसे सवाल करते हैं – ये आम है! यही सवाल हमारे नायक ने भी विनम्रता से पूछ लिया। जवाब आया – "इतना पूछने की क्या ज़रूरत है? बस दिखा दो कि कितने बुद्धिमान हो! बोर हो क्या?"
यहाँ तक तो मान लेते, शायद दुकानदार का मूड खराब था। लेकिन जो अगला जवाब आया, वो तो हद ही थी – "अगर समझदार होते तो डिटेल पढ़ लेते, तुम्हें पढ़ाने का मेरा कोई फर्ज़ नहीं!"
सच कहें तो ऐसी भाषा तो हमारे देसी दुकानदार भी कम ही इस्तेमाल करते हैं। ग्राहक को ब्लॉक करने की धमकी भी दे डाली!
"एक आँख दिखाओ, दो आँखें निकालो" – असली बदला शुरू
अमूमन लोग ऐसे दुकानदार को इग्नोर करके आगे बढ़ जाते। लेकिन हमारे नायक ने ठान लिया – "अब तो कुछ करना ही पड़ेगा!"
कुछ लोगों ने कमेंट में लिखा – "ये सिर्फ बदला नहीं, सोशियल जस्टिस है!" (यानी समाज के लिए भी अच्छा किया)। एक सज्जन ने तो कहा, "ऐसे लोगों को सबक सिखाना ज़रूरी है, ताकि बाकी ग्राहक परेशान न हों।"
अब हुआ ये कि नायक ने उस विक्रेता की पुरानी रेटिंग्स देखीं। पता चला, ये आदमी सिर्फ बदतमीज़ ही नहीं, बल्कि नस्लवादी टिप्पणियाँ भी करता है – जैसे किसी को 'होंडुरास स्कैमर' कह देना, या लोगों के उच्चारण की खिल्ली उड़ाना।
फिर क्या था – नायक ने उसकी लिस्टिंग में दिए गए फोन नंबर से उसकी असली कंपनी खोज निकाली, जो मेडिकल उपकरण भी बेच रही थी – और वो भी बिना जरूरी लाइसेंस के! हमारे यहाँ तो दुकानदार बिना लाइसेंस के दवाई बेच दे, तो पुलिस थाने तक बात पहुँच जाती है; अमेरिका में FDA नाम की संस्था ऐसे मामलों की देखरेख करती है।
"जैसे को तैसा" – नियमों का सहारा, गुनहगार की मुश्किलें बढ़ीं
नायक ने पूरी रिसर्च की – मेडिकल डिवाइस कौन-कौन सी गैरकानूनी हैं, कौन सी eBay की पॉलिसी के खिलाफ हैं, सबका डाटा निकाला। फिर एक-एक लिस्टिंग को रिपोर्ट किया, मॉडल नंबर और नियमों का हवाला देते हुए।
अगली सुबह, eBay से मेल आया – "आपकी रिपोर्ट पर छह सबसे महंगे प्रोडक्ट्स हटा दिए गए हैं।" कुल कीमत: करीब ₹15 लाख ($18,140)। सोचिए, दुकान का आधा माल ही हटा दिया गया!
लोगों के कमेंट भी गज़ब थे – "भैया, अगली बार तो तुम्हें 'एडिकेटेड' (educated) कहकर नज़रअंदाज़ करने से पहले सौ बार सोचेगा!" एक और पाठक बोले, "ऐसा बदला तो फिल्मों में भी नहीं देखा!"
किसी ने मज़ाकिया लहजे में कहा – "भाईसाहब, अब तो वो हर लिस्टिंग डालने से पहले डर-डर के देखेगा, कहीं फिर कोई रिपोर्ट न हो जाए!"
सीख: घमंड का फल हमेशा कड़वा होता है
इस पूरी घटना से हमें क्या सीख मिलती है? बहुत सी बातें!
एक तो ये कि ग्राहक के साथ सम्मानजनक व्यवहार हमेशा फायदेमंद होता है। हमारे यहाँ भी कहते हैं, "ग्राहक भगवान का रूप है" – और अगर दुकानदार ही अभिमान में अंधा हो जाए, तो उसका बाजार ठप हो जाता है।
दूसरी बात – अगर आप नियमों के बाहर जाकर धंधा कर रहे हैं, तो किसी दिन कोई जागरूक ग्राहक आपकी पोल खोल ही देगा।
एक पाठक ने बहुत सुंदर टिप्पणी की – "कभी भी गलत काम करते वक्त इतना घमंड न करो कि लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लो। जो गलत कर रहा है, उसे छुपकर रहना चाहिए, नहीं तो पकड़ में आ जाएगा!"
अंत में – आपकी राय?
क्या आपने कभी ऐसे घमंडी दुकानदार का सामना किया है? क्या आपको भी कभी किसी ने "समझदार नहीं हो" कहकर टरका दिया? या फिर आप खुद दुकानदार हैं और ग्राहक के सवालों से परेशान रहते हैं?
नीचे कमेंट में अपनी कहानी जरूर लिखिए। और हाँ, अगली बार कोई दुकानदार आपको बेइज्जत करे, तो याद रखें – आपके पास भी नियम-कायदे और इंटरनेट की ताकत है!
"जैसे को तैसा" – यही है असली बदला, और कभी-कभी समाज के लिए भी फायदेमंद।
मूल रेडिट पोस्ट: Don’t be a rude eBay seller