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अफ़्रो विग, बीयर कूलर और एक मज़ेदार बहाना: देर रात की पेट्रोल पंप की कहानी

एक पेट्रोल पंप का कर्मचारी देखता है जब एक व्यक्ति अफ्रो विग पहनकर काउंटर की ओर बढ़ता है, चोरी का इशारा करते हुए।
इस सिनेमाई दृश्य में, हमारा पेट्रोल पंप का कर्मचारी एक अफ्रो विग पहने हुए पात्र का सामना करता है, जो एक मजेदार मुठभेड़ के लिए मंच तैयार कर रहा है। जब केविन काउंटर पर आता है, तो क्या गलत हो सकता है?

पेट्रोल पंप की नाइट शिफ्ट में अक्सर ज़िंदगी के रंगीन और अजीब किरदार देखने को मिल ही जाते हैं। कभी कोई झगड़ालू ग्राहक, कभी कोई हड़बड़ी में भागता हुआ आदमी, तो कभी कोई ऐसा जिसे देखकर खुद हंसी आ जाए। आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिसमें दिमाग, बहानेबाज़ी और छोटी-मोटी चोरी की कोशिश सब एक साथ मिल जाती है।

अफ़्रो विग वाला केविन और उसका ‘भीषण गर्मी’ का बहाना

कल्पना कीजिए – रात का समय है, घड़ी में लगभग 1 बज रहे हैं। दुकान के अंदर एसी चल रहा है, बाहर हल्की-हल्की ठंडक है, और तभी दरवाज़ा खोलकर एक साहब अंदर आते हैं – सिर पर अफ़्रो विग लगाए हुए। अब भले ही हमारे यहाँ ये विग उतना आम न हो, लेकिन अमेरिका जैसी जगहों पर ऐसे रंग-बिरंगे विग पहनना कई बार लोगों के अजीब शौक का हिस्सा होता है।

जनाब काउंटर पर आते हैं और बोलते हैं, “यहाँ बहुत गर्मी है। क्या मैं बीयर वाले कूलर में दो मिनट खड़ा हो सकता हूँ?” अब सोचिए, अच्छा-खासा एसी लगा है, दुकान में ठंडक है, और बंदा बीयर के फ्रिज में घुसने की ज़िद कर रहा है! हमारे यहाँ तो अगर कोई ग्राहक फ्रीजर में घुसने की बात करे, तो दुकानदार पलटकर पूछेगा – “भाई, आइसक्रीम बनने का इरादा है क्या?”

चोरी की कोशिश और ‘बज़बॉल’ का कमाल

अब आते हैं असली मुद्दे पर – भाईसाहब ने जैसे ही बीयर कूलर में घुसने की अनुमति नहीं मिली, जाते-जाते अचानक एक और ट्रिक ट्राई की। दुकान के पास लगे छोटे फ्रिज से एक गोल-गोल सी ड्रिंक निकाल ली – जिसका नाम था ‘Buzzball’। हमारे यहाँ तो ऐसी ड्रिंक नहीं मिलती, लेकिन कमेंट्स में एक साहब ने समझाया कि ये एक सॉफ्टबॉल के आकार की मादक ड्रिंक होती है। स्वाद के मामले में, एक और पाठक ने कहा – “2017 में पी थी, बहुत खराब थी!”

काउंटर पर काम करने वाली महिला (रचनाकार) ने तुरंत पूछा – “आईडी है?” जनाब बोले – “नहीं।” फिर कहा – “पैसे दोगे?” – “नहीं।” तो उन्हें बोतल वापस रखनी पड़ी। लेकिन दिल में शक रह गया – कहीं जाते-जाते जेब में एक छिपा तो नहीं लिया?

पाठकों की राय: बहानेबाज़ी में भी क्रिएटिविटी!

इस पोस्ट पर कम्युनिटी के लोगों ने बढ़िया-बढ़िया कमेंट्स किए। एक पाठक ने मज़ाक में लिखा, “अफ़्रो विग की जेब में तो बड़ी आसानी से एक Buzzball छुप सकती है!” सोचिए, अफ़्रो विग की कंघी से नहीं, अब ड्रिंक चुराने के लिए भी इस्तेमाल होने लगा है!

दूसरे ने तो और आगे बढ़ते हुए लिखा – “क्या वो सच में पसीने-पसीने था? शायद उसकी तबीयत खराब थी, या फिर कोई एलियन बनकर शरीर बदलने आया था!” पश्चिमी देशों में कई बार ऐसे अजीब-अजीब बहाने भी सुनने को मिल जाते हैं – जैसे हमारे यहाँ कोई कह दे, “भाई, मुझे दुकान के अंदर बैठने दो, बाहर भूत है।”

अन्य पाठकों ने बताया कि किस तरह कर्मचारियों द्वारा खुद भी चोरी की घटनाएँ होती हैं – एक दुकान प्रबंधक ने बताया कि उसका कर्मचारी शराब की कैन जेब में डालता था और पकड़े जाने पर बोला, “मुझे पढ़ना नहीं आता!” सोचिए, टीचर होकर भी ये बहाना!

हमारी संस्कृति में ऐसे बहानों की तुलना

अगर यही घटना हमारे देश की होती, तो क्या होता? यहाँ तो दुकानवाले और ग्राहक के बीच मज़ेदार बातचीत हो जाती। “भैया, फ्रीजर में घुसना है, बड़ी गर्मी लग रही है!” – “तो घर से एसी लेकर आओ!” या फिर दुकानदार फौरन चौकस हो जाता – “कहीं जेब में कुछ डाल तो नहीं लिया?”

हमारे यहाँ ऐसे बहाने ज़्यादा नहीं चलते, क्योंकि ज़्यादातर दुकानदार इतने शातिर होते हैं कि एक नज़र में समझ जाते हैं – कौन सच बोल रहा है और कौन बहाना बना रहा है। और अगर कोई चोरी करते पकड़ा गया, तो मोहल्ले भर में उसकी चर्चा हो जाती – “अरे, वो रमेश का लड़का है न, कल दुकान से चॉकलेट चुराते पकड़ा गया!”

नतीजा: बहानेबाज़ी का कोई अंत नहीं!

कहानी का सार ये है कि चाहे अमेरिका हो या भारत, बहानेबाज़ी और छोटी मोटी चोरी की कोशिशें हर जगह होती हैं। फर्क बस इतना है कि हमारे यहाँ बहाने और भी रंगीन होते हैं – कभी भूख का, कभी प्यार का, तो कभी गर्मी का। लेकिन दुकानदार भी कम नहीं, उनकी नज़रें हर चालाकी को पहचान लेती हैं।

तो अगली बार अगर किसी पेट्रोल पंप या दुकान पर आपको कोई अफ़्रो विग लगाए, अजीब सा बहाना बनाते दिखे, तो समझ लीजिए – या तो वो ड्रामा कर रहा है, या फिर कोई ‘बज़बॉल’ जेब में डालने आया है!

आप क्या सोचते हैं?

क्या आपके साथ भी कभी किसी ने ऐसा अजीब बहाना बनाया है? या आपने कोई ऐसी मज़ेदार घटना देखी है? नीचे कमेंट में ज़रूर साझा करें! और अगर आपको ये कहानी पसंद आई हो, तो अपने दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करें – ताकि अगली बार कोई बहानेबाज़ी करे, तो आप भी मुस्कुरा सकें!


मूल रेडिट पोस्ट: A stupid excuse from someone who obviously was planning to shoplift