अंधेरे में महिलाओं को डराने गए दोस्त खुद डर के मारे चीख पड़े!
किसी ने सही ही कहा है, “जैसा करोगे, वैसा भरोगे!” हमारे समाज में अक्सर लड़कों को मस्ती-मजाक के नाम पर महिलाओं को डराने की आदत हो जाती है, लेकिन क्या हो जब शिकार ही शिकारी पर भारी पड़ जाए? आज की कहानी इसी मसालेदार पल की है, जब दो शरारती दोस्त, अंधेरे में एक महिला को डराने निकले और खुद ही डर के मारे चीख पड़े!
पार्टी की रात और एक अजीब सा प्लान
यह वाकया जर्मनी के एक छोटे से गाँव में हुआ, लेकिन इसकी कहानी हर भारतीय पाठक को खूब भाएगी। सोचिए, आप किसी पार्टी में हैं, रात के बारह बज चुके हैं, और आपको सिगरेट खरीदने बाहर जाना पड़ता है। गाँव का सुनसान रास्ता, एक तरफ सड़क, दूसरी ओर घने झाड़-झंखाड़... ऐसे में हल्की सी सरसराहट भी दिल की धड़कन बढ़ा देती है!
हमारी मुख्य किरदार (आइए उसे ‘सुमन’ कहें), जब सिगरेट लेकर लौट रही थीं, तभी झाड़ियों के पीछे कुछ फुसफुसाहट और दबी-दबी हँसी सुनाई दी। मन में पहला ख्याल – कहीं जंगल का कोई जंगली सूअर तो नहीं? लेकिन फिर पुरुषों की आवाज़ें सुनकर सुमन को थोड़ा डर लगा। सोचिए, भारत की गलियों में रात को अकेली महिला का डर कैसा होता है – वही डर यहाँ भी था।
जब डर गुस्से में बदल गया
धीरे-धीरे सुमन को एहसास हुआ कि ये आवाज़ें उसके ही पार्टी वाले दोस्तों की हैं, जो उसे डराने के लिए झाड़ियों में छुपे हैं। एक दोस्त बोला, “शायद वो किसी और रास्ते से चली गई।” दूसरा बोला, “यहाँ तो एक ही रास्ता है, आती ही होगी।”
अब तक डर से उभरकर सुमन के अंदर गुस्से की लहर दौड़ गई थी। वह चाहती तो वहीं चिल्लाकर उन पर बरस पड़ती, पर अचानक उसके दिमाग में ‘होमर सिम्पसन’ वाला आइडिया आया – यानी खुद ही झाड़ियों में छुप जाओ और इन्हें उल्टा डराओ! यह तो बिलकुल वैसा था जैसे हिंदी फिल्मों में हीरोइन गुंडों को चकमा देकर उल्टा हीरो बन जाती है।
असली बदला – जब डराने वाले खुद डर से चीख पड़े
सुमन ने पास की एक टहनी पकड़ ली, अपने लंबे काले बालों को चेहरे के पास लटकाया और बिलकुल भूतिया अंदाज में झाड़ियों के पास खड़ी हो गई। जैसे ही दोनों दोस्त उसके पास से गुज़रे, उसने जोर से टहनी तोड़ी। बस, फिर क्या था! दोनों दोस्त ऐसे चीखे जैसे कोई भूत सामने आ गया हो। एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर, बच्चों की तरह चीखते-चिल्लाते भागने लगे। सुमन खुद अपनी हँसी रोक नहीं पाईं, और ठहाकों में सब कुछ खुल गया।
मज़े की बात ये रही कि पार्टी में लौटने के बाद, सुमन ने सबको ये किस्सा सुनाया और बार-बार उन्हीं डरावने इफेक्ट्स के साथ सबको हँसा-हँसा कर लोट-पोट कर दिया।
कमेंट्स में क्या बोले लोग – मज़ेदार प्रतिक्रियाएँ
इस किस्से के बाद Reddit पर लोगों ने भी खूब मज़ेदार कमेंट्स किए। एक यूज़र ने लिखा, “मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ था, जब मेरा दोस्त मुझे पार्क में रात को डराने आया, लेकिन मैंने बिना देखे अपने बैग से उसे ज़ोरदार झटका दे मारा – बैग में कुत्ते का गंदा पॉलीथिन था! उसके बाद तो दोस्त की शक्ल देखने लायक थी।”
एक और कॉमेंट में लिखा गया, “अच्छा किया! उन्हीं के खेल को उन्हीं पर आज़मा दिया।” कई यूज़र्स ने ये भी चेतावनी दी कि ऐसी हरकतें खतरनाक हो सकती हैं – अमेरिका में तो लोग डर के मारे गोली चला देते हैं!
सबसे दिलचस्प कमेंट में एक महिला ने बताया, “मेरे बॉयफ्रेंड ने मुझे नींद में डराने की कोशिश की, एक को मैंने नींद में ही मुक्का जड़ दिया, दूसरे के डर से पुलिस बुला ली!”
यहाँ तक कि खुद कहानी की रचयिता ने भी लिखा, “बाद में हमने इस पर गंभीरता से बात की कि कैसे महिलाओं को अकसर रात में असुरक्षित महसूस कराया जाता है, और ऐसी बेवकूफी भरी हरकतें किसी दिन भारी पड़ सकती हैं।”
सीख – महिलाओं को डराना कोई मज़ाक नहीं!
इस पूरे किस्से से यही सीख मिलती है कि महिलाओं को अकेले देखकर डराना या छेड़ना कोई मज़ाक नहीं है। कई बार शरारत में की गई ऐसी हरकतें खुद पर भारी पड़ सकती हैं – या तो जैसे सुमन की तरह आप पर उल्टा ही डर बैठ जाए, या फिर किसी दिन कोई गंभीर घटना हो जाए।
हमारे समाज में अकसर महिलाओं को रात में बाहर जाने पर टोका जाता है – “इतनी रात को अकेली क्यों निकली हो?” लेकिन असली जिम्मेदारी तो समाज की है कि हर किसी को सुरक्षित अनुभव हो। और अगर कोई शरारती दोस्त आपको डराने का प्लान बनाए, तो सुमन की तरह दिमाग चलाइए – उन्हें उनकी ही चाल में फंसा दीजिए!
आपकी राय?
क्या आपके साथ भी कभी किसी ने ऐसी शरारत की है? या आपने किसी को मज़ेदार सबक सिखाया हो? नीचे कमेंट में जरूर बताइए, और अगर ये किस्सा पसंद आया हो तो दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें। कौन जाने, अगली बार आपकी कहानी ही यहाँ छप जाए!
मूल रेडिट पोस्ट: Don't scare women in the dark