पतली दीवारों और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की शरारत: पड़ोसी की रेडियो पर मीठा बदला
क्या कभी आपके पड़ोस में किसी ने इतनी तेज़ आवाज़ में टीवी या रेडियो बजाया है कि आप चैन से सो भी न सकें? अब सोचिए, अगर आप इंजीनियर हों और आपके पास तकनीकी जुगाड़ हो, तो क्या करेंगे? आज की कहानी है मॉन्ट्रियल के एक ऐसे नौजवान की, जिसने अपनी इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई को पड़ोसी की आदत सुधारने में लगा दिया – और वो भी बड़े ही मनोरंजक अंदाज़ में!
सुबह के छः बजे, जब मोहल्ले में सब गहरी नींद में होते हैं, तभी हमारे कहानी के नायक को अपने बेडरूम से आती धीमी-धीमी बातचीत की आवाज़ें नींद से जगा देतीं। पता चला, पड़ोसी अपनी किचन में रेडियो चलाती हैं, और दीवार इतनी पतली है कि एक-एक शब्द कान में घुस जाता है। बातचीत से लेकर रजिस्टर चिट्ठी तक, सब कोशिशें फेल। ऐसे में ‘इंजीनियरिंग वाला दिमाग’ जागा और शुरू हुआ असली खेल!