स्कूल के बदमाश को मिली उसकी ही दवा – एक छोटी-सी बदला कहानी
बचपन के स्कूल के दिन, जहां दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही अपने पूरे रंग में होती है, वहां कभी-कभी कुछ ऐसे लोग भी मिल जाते हैं जो दूसरों को नीचा दिखाने में ही मज़ा ढूंढ़ते हैं। लेकिन हर सिक्के के दो पहलू होते हैं – और कभी-कभी शिकार भी शिकारी को उसकी औकात दिखा देता है। आज की कहानी एक ऐसे ही स्कूल के बदमाश की है, जिसे उसके शिकार ने अपने ही अंदाज़ में जवाब दे दिया।