जब दोस्त की बहन ने मेरी कार पर फेंकी गंदगी, और मैंने लौटाया उसका 'तोहफा
हर मोहल्ले और घर की अपनी-अपनी कहानियाँ होती हैं, लेकिन कुछ किस्से ऐसे होते हैं, जो सुनते ही चेहरा खिल जाता है या पेट पकड़कर हँसी आ जाती है। आज मैं आपको ऐसी ही एक कहानी सुनाने जा रहा हूँ, जिसमें बदले की भावना ने ग़ज़ब का रंग दिखाया। दोस्तों, बदला लेना भी एक कला है - और अगर वो बदला ‘छोटे’ स्तर का हो, तो उसमें स्वाद और भी बढ़ जाता है!