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ऑफिस की राजनीति और छोटी बदले की बड़ी जीत: जब मैंने जानबूझकर लंबा सफर किया

ऑफिस की राजनीति किसे पसंद है? खासकर तब, जब कोई सीनियर सिर्फ नाम के लिए सीनियर हो और काम सब दूसरों के सिर मढ़ दे! ऐसे में कभी-कभी छोटी बदले वाली हरकतें ही दिल को सुकून देती हैं। आज की कहानी है एक महिला कर्मचारी की, जो अपने सीनियर को चुपचाप, बड़े ही मज़ेदार और देसी अंदाज़ में सबक सिखा देती है।

सोचिए, कोई आपके ऊपर अपना जिम्मा डाल दे, ऊपर से आपको गाड़ी भी चलानी पड़े? ऑफिस के लंचरूम की चाय की तरह ये बात भी गले के नीचे नहीं उतरती। लेकिन हमारी नायिका ने तो गजब कर दिया — बदले की आग में ऐसा देसी जुगाड़ लगाया कि बॉस भी हैरान रह गया!

जब मां ने कहा 'मुझे तुम्हारी ज़रूरत नहीं', बेटे ने ऐसा जवाब दिया कि इंटरनेट तालियां बजा उठा

कहते हैं, खून के रिश्तों में खटास आ जाए तो मिठास लौटाना आसान नहीं। लेकिन जब मां ही बेटे को सोशल मीडिया पर "पराया" बना दे, तो दिल पर क्या बीतती है, ये वही समझ सकता है। Reddit की एक पोस्ट ने हाल ही में हजारों लोगों का दिल छू लिया, जब एक बेटे ने अपनी मां से मिले ताने का जवाब बड़े ही 'पेटी' (छोटे-छोटे, मगर तीखे) बदले के अंदाज में दिया।

अगर आपने कभी परिवार में खुद को 'एक्स्ट्रा' या 'बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना' महसूस किया है, तो ये कहानी आपको जरूर अपने करीब लगेगी।

जब एक्स को सड़क पर भीख मांगते देखा: बदले की वो छोटी-सी मिठास

ज़िंदगी में कभी-कभी ऐसे मोड़ आ जाते हैं, जब दिल टूटने के बाद भी दिल में थोड़ी सी कड़वाहट और थोड़ी सी शरारत बाकी रह जाती है। खासकर जब वो इंसान जिसने हमें तकलीफ़ दी, खुद ही अपनी बनाई मुसीबतों में फंस जाए। ऐसी ही एक कहानी Reddit पर वायरल हुई, जिसने हजारों लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया—क्या सच्चा बदला वही है, जब सामने वाले की हालत देखकर हमें संतोष मिल जाए?

जब ग्राहक ने खिलौना बंदूक लहराई, दुकानदार ने धैर्य से दिया करारा जवाब

शौक की दुकान में खिलौने की बंदूक लिए ग्राहक का कार्टून-3D चित्र, मजेदार स्थिति दर्शाता है।
इस रंगीन कार्टून-3D दृश्य में, एक ग्राहक शौक की दुकान में खिलौने की बंदूक को मजाक में चला रहा है, जो धैर्य और समझ का पाठ सिखाता है। आइए, इस मनोरंजक अनुभव को साझा करें!

हमारे देश में दुकानदारी कोई आसान काम नहीं है। रोज़ की चहल-पहल, अलग-अलग किस्म के ग्राहक, उनकी फरमाइशें—कभी कोई मोलभाव में भिड़ जाता है तो कोई अजीबोगरीब सवाल पूछने लगता है। लेकिन सोचिए, अगर आपकी दुकान में अचानक कोई ग्राहक बंदूक लहराता हुआ आ जाए, तो कैसा लगेगा? डर तो लगेगा ही, पर कभी-कभी ऐसे वाक़यों में हँसी भी छुपी होती है और सीख भी!

मामा ने बहन के बॉयफ्रेंड की बचकानी हरकतों पर लिया मज़ेदार बदला, भांजे को मिला गेमिंग का नया संसार

भांजा अपने मम्मी के बॉयफ्रेंड द्वारा उपहार में मिले शानदार गेमिंग सेटअप को उत्साहित होकर दिखा रहा है।
मेरे भांजे के अद्भुत गेमिंग सेटअप को देखें, जो उसकी मम्मी के बॉयफ्रेंड का सरप्राइज है! वह इससे बहुत खुश है और उसकी खुशी बांटे बिना रहना मुश्किल है। यह तस्वीर उस आनंद और रचनात्मकता को दर्शाती है जो इस शानदार स्पेस बनाने में लगी है।

कहते हैं असली रिश्ते वही होते हैं, जो मुश्किल वक्त में साथ खड़े हों। और मामा-भांजे का रिश्ता तो वैसे भी भारत में बहुत खास माना जाता है। आज हम आपको एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहे हैं, जिसमें एक मामा ने अपने भांजे के लिए कुछ ऐसा कर दिखाया, जिसे पढ़कर आप भी ‘वाह मामा!’ कह उठेंगे।

जब स्पैम कॉलर्स ने मेरे बिज़नेस का नाम बदल दिया: ‘अमेरिकन डेली’ से ‘अमेरिकन पिग’ तक की मज़ेदार जंग

अपनी वेबसाइट डोमेन नवीनीकरण के बाद स्पैम कॉल्स से परेशान व्यक्ति का एनिमे चित्रण।
इस जीवंत एनिमे दृश्य में, हमारा नायक स्पैम कॉल्स की बाढ़ का सामना कर रहा है, जो वेबसाइट नवीनीकरण के बाद निरंतर टेलीमार्केटर्स से निपटने की निराशा को मजेदार तरीके से दर्शाता है। क्या नाम परिवर्तन इस अराजकता को समाप्त कर पाएगा?

क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि फोन की घंटी बजी, आपने उठाया और उधर से कोई अनजान आवाज़—"नमस्ते, क्या आप बिज़नेस ओनर हैं?" अब बताइए, इन स्पैम कॉल्स से कौन नहीं परेशान! लेकिन आज की कहानी में, एक Reddit यूज़र ने इन कॉलर्स को ऐसी चालाकी से सबक सिखाया कि खुद कॉलर भी उलझन में पड़ गए।

यह कहानी सिर्फ स्पैम कॉल्स से छुटकारा पाने की नहीं, बल्कि उनमें छुपे हास्य, चतुराई और थोड़ा-सा बदला लेने की भी है। चलिए, जानते हैं कैसे एक आम आदमी ने अनोखे अंदाज़ में कॉल सेंटर्स को चारों खाने चित्त कर दिया!

बदतमीज़ी की कीमत: जब 'डिक' को झेलनी पड़ी खुद की हरकतों की सजा

एक एनीमे चित्रण जिसमें एक अभद्र ग्राहक एक स्टोर कर्मचारी पर गुस्सा कर रहा है, स्टॉक की समस्या पर निराशा दर्शाते हुए।
इस जीवंत एनीमे दृश्य में, हम एक अभद्र ग्राहक, रिचर्ड, को स्टोर कर्मचारी के प्रति अपनी निराशा व्यक्त करते हुए देख रहे हैं, जो ग्राहक सेवा इंटरैक्शन की आम समस्या को उजागर करता है। आप सार्वजनिक स्थानों पर अभद्रता का सामना कैसे करते हैं?

सोचिए आप किसी दुकान में जाते हैं, और वहाँ एक ग्राहक दुकानदार पर झल्ला रहा है क्योंकि उसकी मनपसंद चीज़ नहीं मिली। ऐसे में आपके मन में क्या आता है? शायद यही कि "अरे भाई, शांति से काम लो!" लेकिन क्या हो अगर आपकी किस्मत आपको भी उसी ग्राहक के साथ अगले पड़ाव पर मिला दे? आज हम ऐसी ही मज़ेदार और चुटीली कहानी ले आए हैं, जो Reddit की दुनिया से निकलकर आपके सामने पेश है—जहाँ बदतमीज़ी की छोटी सी सज़ा, ‘पेटी रिवेंज’, ने सबको गुदगुदा दिया।

जब बेटे ने अपनी माँ को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया: सीमाओं की जंग

हमारे देश में माँ-बेटे का रिश्ता बड़ा अनूठा और गहरा होता है। माँ हर बात जानना चाहती हैं – बेटा क्या खाता है, कब सोता है, और सबसे अहम, उसकी शादी और निजी जिंदगी कब पटरी पर आएगी! लेकिन क्या हो, जब माँ खुद सारी सीमाएँ पार करने लग जाए? आज की कहानी कुछ ऐसी ही है, जहाँ बेटे ने माँ को उन्हीं के अंदाज में बड़ा ही मज़ेदार जवाब दिया।

सुपरमार्केट में छोटी हाइट वाली ग्राहक को मिली ‘छोटी’ सी बदला-लीला!

हम सबने कभी न कभी बाजार या सुपरमार्केट में ऐसे लोगों का सामना किया है, जो बेवजह रूखा व्यवहार करते हैं। लेकिन क्या हो, अगर ऐसे किसी बदतमीज़ ग्राहक को उसी की भाषा में हल्का सा सबक मिल जाए? आज की कहानी है न्यूजीलैंड के एक सुपरमार्केट की, जहाँ एक लंबा ग्राहक और एक छोटी हाइट वाली महिला की मुलाकात ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया!

मंगलवार की सुबह थी, दुकान में सन्नाटा पसरा था और हर कोई अपने-अपने सामान में व्यस्त था। तभी एक छोटी हाइट वाली महिला ने अपने बर्ताव से माहौल को गरमा दिया – लेकिन उसका जवाब मिला, एकदम ‘लंबी’ सोच और ‘छोटी’ सी बदला-लीला के साथ!

जब आलसी सहकर्मी को मिला उसके ही सिक्के से जवाब: एक देखभाल गृह की कहानी

आजकल के ऑफिस या कामकाज की दुनिया में एक कहावत बहुत मशहूर है—"कामचोर को जब तक उसकी चौकीदारी न करनी पड़े, तब तक उसे मेहनत का असली मतलब नहीं पता चलता!" कुछ ऐसी ही कहानी आई है एक देखभाल गृह (केयर होम) से, जो Reddit पर वायरल हो गई और हर उस इंसान को सुकून दे गई, जिसे कभी न कभी अपने 'ब्रायन' जैसे सहकर्मियों से दो-चार होना पड़ा है।

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर किस्सा है क्या? चलिए, चाय की चुस्की लेकर बैठिए, क्योंकि यह कहानी तो हर भारतीय ऑफिस की हकीकत को भी छू जाती है!