बराबरी की जंग और ‘गुम’ हुई कॉपियों का मीठा बदला
पुरानी कहावत है – “चुप रहने वालों से संभल के रहो!” और भाई, स्कूल के दिनों में तो कभी-कभी सबसे सीधा दिखने वाला बच्चा भी ऐसा झटका दे जाता है कि सामने वाला याद रखे। आज की कहानी कुछ ऐसी ही है – एक सीधी-सादी लड़की, एक दकियानूसी स्कूल और बराबरी की छोटी-सी लड़ाई, जो ‘गुम’ हुई कॉपियों के जरिए लड़ी गई!