जब 'अगर पसंद नहीं तो निकाल दो!' बोलना भारी पड़ गया – एक नौसेना की सच्ची कहानी
सरकारी दफ्तरों या बड़ी कंपनियों में आपने भी ऐसे कुछ लोग जरूर देखे होंगे, जो खुद को सबसे ऊपर समझते हैं। ऐसे लोग अक्सर सोचते हैं कि उनके बिना तो ऑफिस चल ही नहीं सकता। लेकिन क्या होता है जब किसी की अकड़ खुद पर ही भारी पड़ जाए? आज की कहानी ऐसी ही एक नौसेना कर्मचारी की है, जिसकी जुबान और घमंड ने उसे सीधे बाहर का रास्ता दिखा दिया।