जब ग्राहक को हर बार गलती चाहिए थी: प्रिंटिंग शॉप का जुगाड़ू जवाब
क्या आपके ऑफिस में भी ऐसा कोई है, जिसे हर रिपोर्ट, हर डिज़ाइन या हर प्रेज़ेंटेशन में कोई न कोई कमी ज़रूर निकालनी होती है? अगर हां, तो जनाब, आज की ये कहानी पढ़िए, जो बिल्कुल आपके दिल की बात कहेगी।
ये किस्सा है 90 के दशक के शिकागो की एक प्रिंटिंग शॉप का, जहां एक ग्राहक हर बार प्रूफ चेक करते वक्त कोई न कोई गलती पकड़ा ही लेता था। कभी कहता – "ये लाइन टेढ़ी है", तो कभी – "ये शब्द ज़्यादा गहरा छप गया है"। दुकानवाले भी परेशान, डिज़ाइनर भी परेशान! लेकिन फिर जो जुगाड़ निकला, वो पढ़कर आप भी कहेंगे – वाह भाई वाह!