दोस्ती, किताबें और खुद की कदर: जब 'बुक रिकमेंडेशन' ने सिखाया बड़ा सबक
किताबों से दोस्ती तो हम सभी को होती है, लेकिन क्या हो जब दोस्ती की असली पहचान किताबों की वजह से हो जाए? आज की कहानी है एक ऐसे इंसान की, जिसने लोगों को खुश करने की अपनी आदत (People Pleasing) को किनारे रख, खुद की अहमियत को पहचाना – और इस पूरे सफर में किताबों की सिफारिश ने अहम रोल निभाया। पढ़िए, कैसे एक साधारण-सी 'बुक रिकमेंडेशन' की रिक्वेस्ट ने जिंदगी का नजरिया ही बदल दिया!