दो स्क्रीन, एक उलझन: टेक्निकल सपोर्ट की झंझट भरी कहानी
आजकल ऑफिस में दो स्क्रीन यानी ड्यूल मॉनिटर का क्रेज़ वैसे ही बढ़ता जा रहा है जैसे शादी-ब्याह में दो-दो मिठाइयाँ परोसने का। लेकिन जरा सोचिए, अगर आपकी मेहनत और ग्राहक की फरमाइशें आपस में टकरा जाएँ तो क्या हाल होता है? आज मैं आपको ऐसी ही एक मजेदार और थोड़ी सिरदर्द देने वाली टेक्निकल सपोर्ट की कहानी सुनाने जा रहा हूँ, जिसमें दो कंप्यूटर, दो स्क्रीन और कई उलझनें शामिल हैं। इस कहानी में सीख भी छुपी है, मजा भी, और वो सबकुछ जो एक भारतीय ऑफिस में अक्सर देखने-सुनने को मिलता है।