होटल की बदहाली और मेहमानों की शिकायतें: एक रिसेप्शनिस्ट की जंग
कभी सोचा है कि होटल में काम करने वाले लोग किन मुश्किलों से गुजरते हैं? आप छुट्टियों पर मस्त घूमने जाते हैं, लेकिन रिसेप्शन पर बैठे उस इंसान की कहानी शायद ही किसी ने सुनी हो। होटल की रंगीन तस्वीरें देखकर लगता है, वाह! क्या जगह है। मगर असली सच्चाई तो पर्दे के पीछे छुपी होती है – पुराने पंखे, जंग लगे पाइप और हर वक्त गुस्से में भरे मेहमान।
आज हम आपको एक छोटे होटल की ऐसी ही कहानी सुनाने वाले हैं, जहाँ बीस साल से कोई मरम्मत नहीं हुई, और हर दिन शिकायतों की झड़ी लग जाती है। रिसेप्शनिस्ट की हालत, मानो वो “सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे” के चक्कर में फंसा हो।