होटल की फ्रंट डेस्क पर जलन, थकावट और नए रास्तों की तलाश – एक कर्मचारी की दिलचस्प दास्तान
क्या आपने कभी होटल की चमचमाती लॉबी में खड़े फ्रंट डेस्क कर्मचारी की मुस्कान के पीछे छुपे संघर्ष को महसूस किया है? हम सब समझते हैं कि मेहमानों के स्वागत की दुनिया कितनी रंगीन दिखती है, मगर उसकी असली तस्वीर कुछ और ही है। आज मैं आपको एक ऐसे कर्मचारी की कहानी सुनाने जा रहा हूँ, जिसने होटल की फ्रंट डेस्क पर 12 साल बिताए – हर मौसम, हर त्योहार, हर शिकायत के साथ। अब वो थक चुका है, लेकिन उसकी कहानी में हर उस इंसान की झलक है, जो ग्राहक सेवा में दिन-रात झुलस रहा है।