जब अतिथि ने होटल के बंद रेस्तरां को खुलवाने की ज़िद की – बारिश, सलाद और ‘मैं ही ब्रह्मांड हूँ’ सिंड्रोम!
होटल में काम करने वालों की ज़िंदगी बड़ी रंगीन होती है – रोज़ नए चेहरे, नए नखरे और कभी-कभी ऐसे मेहमान, जो खुद को धरती का राजा समझ बैठते हैं। ऐसे ही एक वाकये की चर्चा आज Reddit पर छिड़ी, जिसमें एक गेस्ट ने होटल कर्मचारी की परीक्षा ही ले ली! सोचिए, अगर आपके होटल का रेस्तरां रविवार को 3:30 बजे बंद हो जाए, और कोई मेहमान शाम को आकर कहे – “मुझे तो अब खाना ही है, खोलो रेस्तरां!” तो आप क्या करेंगे?