होटल की नौकरी या डरावनी फिल्म? दो हफ्तों की ऐसी कहानी कि दिल दहल जाए!
किसी ने ठीक ही कहा है – “नौकरी तो करनी है, पर जान भी प्यारी है!” अब सोचिए, अगर आपकी नौकरी ही रोज़ डर और तनाव का दूसरा नाम बन जाए, तो क्या होगा? होटल की रिसेप्शन डेस्क पर बैठना आमतौर पर शांत, मुस्कराते हुए लोगों से मिलने का मौका होता है। लेकिन Reddit यूज़र u/AloneDebt2693 की कहानी सुनिए, तो लगेगा जैसे ये कोई हॉरर वेब सीरीज़ का सेट है, जहाँ हर दिन नया ड्रामा, नया खतरा और नया सरदर्द मिलता है।