होटल के हीरे का राजा: जब ग्राहक ने सब्र की हदें पार कर दीं
हम भारतीयों के लिए ‘अतिथि देवो भव:’ कोई नई बात नहीं। मेहमानों की खातिरदारी हमारे खून में है, लेकिन क्या कभी आपने ऐसा मेहमान देखा है, जिसे लगता है कि वो सच में किसी राज्य का राजा है? आज की कहानी है एक ऐसे ही ‘राजा साहब’ की, जिनका नाम हम यहां रखेंगे—"किंग ऑफ डायमंड्स"!
सोचिए, सुबह-सुबह होटल के रिसेप्शन पर एक साहब बड़े ठाठ से आते हैं, चेहरे पर थकान कम, रौब ज्यादा। वे सीधा काउंटर पर आकर बोलते हैं, "मेरा कमरा रेडी है ना?" टाइम देखिए—सुबह 8:30! अब भाई, होटल का नियम है कि चेक-इन 3 बजे से पहले नहीं होता। लेकिन राजा साहब को तो जैसे नियमों से मतलब ही नहीं!