होटल रिसेप्शन की दो कहानियाँ: जब गेस्ट और रिव्यू दोनों ने हदें पार कर दीं
होटल की रिसेप्शन डेस्क पर काम करना वैसे तो बड़ा रूटीन सा लगता है, लेकिन अगर आप किसी दोस्त या रिश्तेदार से पूछें जो इस फील्ड में हो—तो कहानियों का पिटारा खुल जाएगा। यहाँ हर दिन नया ड्रामा, नए रिव्यू और नए-नए “अतिथि देवो भव:” की मिसालें मिलती हैं। आज मैं आपको दो ऐसे वाकये सुनाने जा रहा हूँ, जिनमें होटल कर्मचारी और गेस्ट दोनों की सोच, व्यवहार और रिव्यू की दुनिया की असलियत सामने आती है।