कुछ तो बनता है!' – जब एक एयरलाइन क्रू ने होटल स्टाफ की परीक्षा ली
अगर आप कभी होटल के रिसेप्शन पर बैठे हैं या दोस्तों-रिश्तेदारों से उनकी नौकरी के किस्से सुने हैं, तो आप जानते होंगे कि 'मेहमान भगवान समान' का अर्थ हर दिन एक जैसा नहीं होता। कभी-कभी भगवान खुद ही परीक्षा लेने आ जाते हैं—और कई बार भगवान से ज़्यादा साहब बनकर! आज मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ एक ऐसी ही दिलचस्प, मज़ेदार और सोचने पर मजबूर कर देने वाली कहानी, जो अमेरिका के एक होटल में घटी, लेकिन उसका मज़ा हमारे यहां के होटल स्टाफ भी खूब समझ सकते हैं।