होटल रिसेप्शन की ड्यूटी और आंसुओं की कहानी: जब मेहमान ने मेरी हदें पार कर दीं
होटल में काम करना सुनने में जितना आसान लगता है, असलियत उससे कहीं ज्यादा जटिल और भावनाओं से भरा होता है। हर दिन नए-नए चेहरे, अलग-अलग स्वभाव और उनकी उम्मीदों का बोझ – कभी-कभी तो लगता है जैसे आप किसी टीवी सीरियल के कैरेक्टर हैं, जिसकी किस्मत हर रोज़ बदलती रहती है। आज की कहानी भी ऐसी ही एक रिसेप्शन मैनेजर की है, जिसने एक 16 घंटे लंबी ड्यूटी के बाद आखिरकार आंसू बहा ही दिए।