सेल्फ-चेकआउट से नाराज़ ग्राहक और उसकी ‘आज़ादी’ की अनोखी लड़ाई
आजकल शॉपिंग करना जितना आसान हो गया है, उतना ही मनोरंजक भी। खासकर जब बात आती है उन ‘विशेष’ ग्राहकों की, जो अपने अनोखे तर्क और तामझाम के साथ दुकान में आते हैं। अगर आपने कभी किसी सुपरमार्केट या स्टोर में काम किया है, तो आप समझ सकते हैं कि ग्राहक सिर्फ सामान ही नहीं, कहानियाँ भी खरीदने-बेचने आते हैं। आज की कहानी एक ऐसे ही ग्राहक की है, जो सेल्फ-चेकआउट मशीन से ऐसे चिढ़े जैसे कोई दादी अपने पुराने तांबे के बर्तन छोड़ने को कह दे!